भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई वनडे सीरीज मे टीम इंडिया के बल्लेबाज शिखर धवन ने शानदार प्रदर्शन किया। एकदिवसीय सीरीज के दौरान शिखर धवन ने सिद्ध किया कि टॉप ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में उनमें अभी बहुत दम है। शिखर धवन 2018 से भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं हैं। लेकिन सीमित ओवरों की क्रिकेट में वह काफी सफल हैं। धवन वनडे क्रिकेट में 6000 रन पूरे करने से महज 23 रन दूर हैं। वह रोहित शर्मा के साथ मौजूदा समय में भारत के सबसे अच्छे सलामी बल्लेबाज के रूप में जाने जाते हैं। वनडे मैचो में रोहित के साथ उनकी जोड़ी खूब जमती है। यही वजह है रोहित और धवन की सलामी जोड़ी भारत के लिए अब तक 16 शतकीय साझेदारी कर चुकी है। उनसे आगे सिर्फ सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली की सलामी जोड़ी है।
इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में शिखर धवन को पहले मैच में नहीं शामिल करने की बात कही गई थी। मैच से पहले कप्तान विराट कोहली ने इशारा किया था कि वह रोहित शर्मा और केएल राहुल से पारी की शुरूआत कराएंगे। लेकिन जब मैच शुरू हुआ तो कोहली ने रोहित को आराम दिया और शिखर धवन से पारी की शुरआत करवाई।
अहमदाबाद में खेले गए पहले टी-20 मैच में शिखर धवन फ्लॉप रहे और सिर्फ 4 रन बना सके। इसके बाद उन्हें अगले चार टी-20 मैचों से बाहर कर दिया गया। वहीं जब वनडे सीरीज शुरू हुई तो शिखर धवन टीम इंडिया में वापस आए। पहले ही मैच में धवन ने धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए 98 रनों की पारी खेली।
दूसरे वनडे मे धवन फिर नहीं चले और 17 गेंदों पर सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन तीसरे और निर्णयायक मैच में धवन फिर रंग में दिखे। तीसरे वनडे में रोहित के साथ 103 रनों की शतकीय साझेदारी करते हुए धवन ने 67 रन बनाए।
तीसरे वनडे मैच के बाद भारत के पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगारकर ने शिखर धवन से पूछा, टी-20 में ड्रॉप में होने के बाद कैसा महसूस कर रहे थे। इस सवाल के जवाब में धवन ने कहा, मैं हमेशा लय में था बस खेल नहीं रहा था।
भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई वनडे सीरीज के दौरान शिखर धवन काफी सफल रहे। उन्होंने तीन मैचों में 2 अर्धशतक लगाते हुए कुल 169 रन बनाए। धवन इस वनडे सीरीज में रन बनाने के मामले में तीसरे नंबर पर रहे। एकदिवसीय सीरीज में उनसे ज्यादा जॉनी बेयरस्टो ने 219 और केएल राहुल ने 177 रन बनाए।