उन्होंने कहा, 'अगर आईपीएल 10 अक्तूबर तक खत्म हो जाता है तो यूएई में टी-20 विश्व कप के मैचों को नवंबर में शुरू किया जा सकता है। इससे वैश्विक प्रतियोगिता के लिए पिचों को तैयार करने के लिए तीन सप्ताह का समय मिलेगा। इस बीच, पहले सप्ताह के मुकाबले ओमान में खेले जा सकते हैं।' आईसीसी बोर्ड के अधिकांश सदस्यों का मानना है कि भारत समय काटने की कोशिश कर रहा है क्योंकि अक्तूब-नवंबर में परिस्थितियां कैसी होगी इसका अंदाजा लगाना काफी मुश्किल है।
उन्होंने कहा, 'अगर आप व्यावहारिक रूप से इसके बारे में सोचते हैं तो भारत अब कोविड-19 संक्रमण के 1,20,000 से अधिक मामलों रोजाना आ रहे हैं जो कि अप्रैल के अंत और इस महीने की शुरुआत में आने वाले मामलों के मुकाबले में एक तिहाई के करीब है।' इस अनुभवी अधिकारी ने कहा, 'आप 28 जून को टी-20 विश्व कप की मेजबानी के लिए कैसे हां कह सकते है, अगर तीसरी लहर आती है तो आप अक्टूबर के बारे में अभी से स्वास्थ्य स्थिति के बारे में कैसे सोच सकते है।'
इस मामले में दूसरा सवाल यह है कि अगर बीसीसीआई भारत में सितंबर में आठ टीमों के आईपीएल को फिर से शुरू करने में झिझक रहा है , तो वह एक महीने के भीतर देश में 16 टीमों की मेजबानी कैसे कर सकता है। उन्होंने कहा, 'बीसीसीआई में हर कोई जानता है कि कोविड-19 पर मानसून का कोई असर नहीं होगा। इस टूर्नामेंट पर 2500 करोड़ रुपये के राजस्व का दांव लगा होगा।'
इस टूर्नामेंट से जुड़े हुए आईसीसी के एसोसिएट देश के एक अधिकारी ने कहा, 'यह 16 देशों का टूर्नामेंट है और अगर किसी एक टीम के बबल (जैव-सुरक्षित) में कई मामले (कोविड-19) आ गए तो तो यह आईपीएल की तरह नहीं होगा। टीमों के पास 14-15 खिलाड़ियों के बाहर चयन का विकल्प नहीं होगा। इसमें और भी कई मसले है।' एक और बड़ा सवाल यह है कि अगर स्थिति में बहुत सुधार नहीं हुआ तो कितने विदेशी खिलाड़ी भारत आने का जोखिम लेना चाहेंगे। उन्होंने कहा, 'वे आईपीएल खेलने के लिए यूएई आयेंगे और वहीं पर टी20 विश्व कप में खेलने के लिए भी तैयार होंगे।