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T20 WC: रोहित-राहुल हार की असली वजह, कभी सूर्या तो कभी गेंदबाजों ने छिपाई कमी, सेमीफाइनल में हुआ पर्दाफाश

Wed, 16 Nov 2022 05:59 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

टी20 विश्व कप में भारत की हार के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार रोहित और राहुल की जोड़ी है। सेमीफाइनल तक भले ही रोहित और राहुल के प्रदर्शन पर सवाल न उठे हों, लेकिन आंकड़े सारी सच्चाई बयां करते हैं। 
 
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पावरप्ले में भारतीय बल्लेबाजी का एनालिसिस, - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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टी20 विश्व कप 2022 खत्म हो चुका है। इंग्लैंड की टीम चैंपियन बनने के बाद जश्न मना चुकी है और अब आगे के मैच के लिए तैयार है। भारतीय टीम भी 18 नवंबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज खेलेगी। इस सीरीज में हार्दिक पांड्या को कप्तान बनाया गया और कप्तान हार्दिक ने कहा है कि हमें विश्व कप में मिली हार को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। 
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भारत को सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 10 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस मैच में भारतीय गेंदबाज एक विकेट नहीं ले पाए थे और हार का ठीकरा उनके ऊपर ही फूटा था। हालांकि, थोड़े सवाल भारत के बल्लेबाजों पर भी उठे थे, क्योंकि जिस पिच पर भारत के शीर्ष क्रम के  बल्लेबाज एक-एक रन के लिए तरस रहे थे। उसी पिच पर इंग्लैंड की सलामी जोड़ी ने 16 ओवर में 170 रन की नाबाद साझेदारी कर दी।

कभी सूर्या तो कभी गेंदबाजों ने बचाया
रोहित शर्मा और लोकेश राहुल के आंकड़े बयां करते हैं कि भारत की हार के लिए भले गेंदबाज जिम्मेदार हों, लेकिन पूरे विश्व कप में सलामी जोड़ी टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी समस्या रही है और आने वाले समय में सफलता हासिल करने के लिए इसका समाधान निकालना जरूरी है। इस विश्व कप में भारतीय सलामी जोड़ी ने लगातार निराश किया, लेकिन कभी सूर्यकुमार यादव ने मध्यक्रम में तेजी से रन बनाकर सलामी जोड़ी की कमी को छिपा दिया तो कभी गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन कर भारत को जीत दिलाई। हालांकि, सेमीफाइनल में ऐसा कुछ नहीं हुआ और इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने दिखाया कि पारी कि शुरुआत करते हुए कैसे बल्लेबाजी का जाती है। 

2021 विश्व कप में भारतीय टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी। इसके बाद नए कप्तान रोहित और नए कोच राहुल द्रविड़ ने तय किया की टीम इंडिया नए ब्रांड का क्रिकेट खेलेगी। अब टी20 में सभी बल्लेबाज खुलकर अपने शॉट खेलेंगे। खुद रोहित ने पावरप्ले में तेजी से रन बनाने का जिम्मा लिया और भारतीय टीम इसमें सफल भी रही, लेकिन टी20 विश्व कप में आकर भारतीय टीम अपना नया ब्रांड भूल गई।

पावरप्ले में भारतीय बल्लेबाजी - फोटो : अमर उजाला
टी20 विश्व कप पावरप्ले में भारत का सबसे खराब प्रदर्शन
लोकेश राहुल और रोहित ने पावरप्ले में बहुत ही धीमी बल्लेबाजी की। इस साल भारत ने सभी टी20 विश्व कप मिलाकर पावरप्ले में अपना सबसे खराब प्रदर्शन किया। भारत ने पावरप्ले में हर ओवर में औसतन छह रन बनाए और एक बाउंड्री लगाने के लिए नौ गेंदें ली। पावरप्ले में इस विश्व कप में भारत सिर्फ 17 चौके और सात छक्के लगा सका। पावरप्ले में इससे खराब प्रदर्शन टीम इंडिया ने कभी नहीं किया। 

रोहित ने इंग्लैंड के खिलाफ 28 गेंद में 27 रन बनाए। टी20 विश्व कप में यह युवराज के 21 गेंद में 11 रन और गंभीर के 25 गेंद में 24 रन के बाद तीसरी सबसे धीमी पारी थी। इस विश्व कप में पावरप्ले में भारत के लिए बल्लेबाजी करने वाले चार खिलाड़ियों में सिर्फ सूर्यकुमार यादव ही ऐसे थे, जिनका स्ट्राइक रेट 100 से ज्यादा था। उनके अलावा कोहली ने 98, रोहित ने 94 और राहुल ने 89 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। इसी वजह से भारतीय टीम पावरप्ले का फायदा नहीं उठा पाई।
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सिर्फ यूएई से आगे रहा भारत
इस विश्व कप की बात करें तो पावरप्ले में भारत का प्रदर्शन सिर्फ यूएई की टीम से बेहतर रहा। भारत ने इस विश्व कप में पावरप्ले में 100.5 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। वहीं, यूएई ने 77.8 के स्ट्राइक रेट से पावरप्ले में बल्लेबाजी की। बाकी सभी टीमों ने पावरप्ले में भारत से बेहतर प्रदर्शन किया। चैंपियन इंग्लैंड इस मामले में सबसे आगे रहा, जिसने 143.3 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। 
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