रोहित की खराब कप्तानी
यह मैच जीतने के लिए भारतीय टीम को शुरुआत में विकेट की जरूरत थी, क्योंकि इंग्लैंड की बल्लेबाजी में गहराई है, लेकिन भारतीय कप्तान के पास इंग्लैंड के बल्लेबाजों को आउट करने का कोई प्लान नहीं था। तीन ओवर तक तेज गेंदबाज पिटे तो रोहित ने अक्षर को गेंदबाजी थमा दी। जबकि अर्शदीप की गेंद स्विंग हो रही थी, लेकिन उन्हें एक ओवर के बाद ही हटा दिया। बीच के ओवरों में भी रोहित के पास विकेट लेने के लिए कोई प्लान बी नहीं था। अक्षर पटेल ने पूरे टूर्नामेंट में निराश किया था, लेकिन इस मैच में भी उन्हें खिलाया गया। पंत को टीम में मौका दिया गया, लेकिन वह फिनिशर के रूप में खेले। इसी वजह से भारतीय टीम इस मैच में लड़ने का जज्बा तक नहीं दिखा पाई।
फिर फ्लॉप हुए ओपनर
इस टूर्नामेंट में भारत की सलामी जोड़ी ने लगातार निराश किया है। कप्तान रोहित सिर्फ नीदरलैंड के खिलाफ अर्धशतक लगा पाए। वहीं, केएल राहुल ने बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के खिलाफ अर्धशतकीय पारी खेली, लेकिन यह जोड़ी किसी मैच में भारत को अच्छी शुरुआत नहीं दे पाई है। इस मैच में भी लोकेश राहुल पांच रन बनाकर आउट हो गए और पावरप्ले में भारत के बड़ा स्कोर बनाने की उम्मीद खत्म हो गई। इसके बाद रोहित शर्मा भी 28 गेंद में 27 रन बनाकर आउट हुए। उनकी इस धीमी पारी की वजह से भारत शुरुआती 10 ओवरों में सिर्फ 62 रन बना पाया।