फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

IND vs SL: क्या श्रीलंका में स्लिप की छोटी-सी गलती पड़ सकती है भारी? पूर्व फील्डिंग कोच टी. दिलीप ने बताई वजह

Tue, 11 Aug 2026 01:54 PM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

टी. दिलीप ने श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय टीम की स्लिप फील्डिंग में सटीक पोजिशनिंग को बेहद अहम बताया है। उन्होंने कहा कि तेज गेंदबाजों और स्पिनरों के खिलाफ फील्डरों के बीच गैप गेंद की गति और टर्न के अनुसार तय करना जरूरी होगा।
विज्ञापन
टी. दिलीप - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। टीम इंडिया ने हाल ही में तीन दिवसीय वॉर्म-अप मैच में शानदार जीत दर्ज की। अब टीम की नजर 15 अगस्त से शुरू हो रहे गॉल टेस्ट में दमदार प्रदर्शन पर है। इसी बीच टीम के पूर्व फील्डिंग कोच टी. दिलीप ने स्लिप कॉर्डन में फील्डरों की सही पोजिशनिंग को भारत के लिए अहम चुनौती बताया है। उन्होंने कहा कि तेज गेंदबाजों और स्पिनरों के खिलाफ स्लिप में कैच लेने के लिए फील्डरों के बीच दूरी बेहद सटीक रखना जरूरी होगा।
विज्ञापन


भारतीय टीम के साथ करीब पांच साल का कार्यकाल पूरा कर चुके दिलीप के मुताबिक, स्लिप में फील्डिंग केवल रिफ्लेक्स पर निर्भर नहीं करती। विकेटकीपर और स्लिप फील्डरों के बीच की दूरी के साथ-साथ बल्लेबाज के मुकाबले प्रत्येक फील्डर की स्थिति को भी गेंदबाज और गेंद की प्रकृति के अनुसार लगातार बदलना पड़ता है।

तेज गेंदबाजों के खिलाफ कम समय मिलता है
दिलीप ने बताया कि तेज गेंदबाजों के खिलाफ गेंद काफी तेजी से स्लिप क्षेत्र में पहुंचती है। ऐसे में फील्डरों के बीच ज्यादा दूरी होने पर गेंद को बगल की ओर जाकर पकड़ना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा, 'महत्वपूर्ण बात यह है कि फील्डरों के बीच गैप बेहद सटीक होना चाहिए, क्योंकि तेज गेंदबाजों के खिलाफ स्लिप क्षेत्र में गेंद काफी तेजी से आती है। आपके पास अपनी बगल की तरफ ज्यादा दूर जाने का समय नहीं होता।'

स्पिन के खिलाफ पोजिशनिंग और भी अहम
  • स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ स्लिप कॉर्डन की पोजिशनिंग अलग तरह की चुनौती पेश करती है।
  • गेंद के टर्न की गति और मात्रा के आधार पर एज की दिशा और रफ्तार बदल सकती है।
  • ऐसे में फील्डर को पहले से यह अनुमान लगाना होता है कि गेंद किस दिशा में जा सकती है।
  • दिलीप ने अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज का उदाहरण देते हुए बताया कि स्पिनरों के खिलाफ शुभमन गिल ने स्लिप फील्डरों की पोजिशनिंग पर विशेष ध्यान दिया था।
  • उन्होंने कहा, 'स्पिनरों के खिलाफ हमने देखा कि अफगानिस्तान सीरीज में शुभमन ने उन्हें किस तरह से रखा था। आपको यह देखना होता है कि विकेटकीपर और स्लिप के बीच कितना गैप होना चाहिए, ताकि बल्लेबाज के बारीक एज को भी पकड़ा जा सके।'
विज्ञापन

टर्न के हिसाब से बदलनी पड़ती है दूरी
दिलीप ने आगे बताया कि स्पिन की गति और टर्न के अनुसार फील्डर को बल्लेबाज से अपनी दूरी भी तय करनी होती है। उन्होंने कहा, 'यह भी देखना होता है कि गेंद कितनी तेजी या धीमी गति से टर्न कर रही है और आपको बल्लेबाज से कितनी दूरी पर खड़ा होना चाहिए। ये सभी चीजें बेहद महत्वपूर्ण होंगी।'

श्रीलंका में स्लिप कैचिंग बनेगी अहम
  • श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजों की भूमिका महत्वपूर्ण रहने की उम्मीद है।
  • ऐसे में भारतीय टीम के लिए स्लिप कॉर्डन की सटीक पोजिशनिंग काफी मायने रख सकती है।
  • दिलीप की सलाह से साफ है कि टेस्ट मैचों में कैचिंग के दौरान छोटी-छोटी तकनीकी बारीकियां भी मैच का रुख बदल सकती हैं।
  • भारत अगर श्रीलंका के खिलाफ एज से मिलने वाले मौकों को विकेट में बदलना चाहता है, तो स्लिप में फील्डरों की सही दूरी और पोजिशनिंग पर विशेष ध्यान देना होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें