रवि रामपॉल
वेस्टइंडीज के गेंदबाज रवि रामपॉल ने उम्मीद छोड़ दी थी कि वह अब कभी अपने देश के लिए दोबारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलेंगे। छह साल पहले रामपॉल ने 11 नवंबर 2015 को अपना आखिरी टी-20 मैच श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेला था। उसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। इस दौरान रामपॉल ने फ्रेंचाइजी क्रिकेट में खेलना जारी रखा और लगातार बेहतर प्रदर्शन किया। वह अपनी गेंदबाजी में विविधता के लिए जाने जाते हैं। यही कारण रहा कि छह साल के लंबे अंतराल के बाद उनकी विंडीज टीम में वापसी हुई।
टाइमल मिल्स
बाएं हाथ के तेज गेंदबाज टाइमल मिल्स ने इंग्लैंड के लिए साल 2016 में टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया। उन्होंने पहली सीरीज श्रीलंका के खिलाफ खेली उसके बाद भारत के विरुद्ध श्रृंखला में भाग लिया। साल 2017 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने उन पर पैसों की बारिश करते हुए उन्हें करीब 12 करोड़ रुपये में खरीदकर अपनी टीम में शामिल किया। लेकिन समय के साथ उनकी चमक फीकी हो गई। मिल्स ने अपना आखिरी टी-20 मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्ल्ड इलेवन एकादश की तरफ से 31 मई 2018 को लॉर्ड्स पर खेला था। करीब तीन साल बाद अब उनकी इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई है। टी-20 विश्व कप 2021 के दौरान वह अपनी गेंदबाजी का जलवा बिखेरते नजर आएंगे।
आर अश्विन
हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में धाकड़ ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया। पांच टेस्ट मैचों की सरीज के खेले गए चार मुकाबलों में उन्हें बाहर बैठना पड़ा। अश्विन को टेस्ट सीरीज में मौका नहीं दिए जाने पर टीम मैनेजमेंट की आलोचना भी की गई। लेकिन जब टी-20 विश्व कप के लिए बीसीसीआई चयनकर्ताओं ने टीम की घोषणा की तो उसमें अश्विन का नाम शामिल था। भारत के लिए टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले अश्विन को अरसा बीत चुका है। उन्होंने अपना आखिरी टी-20 इंटरनेशनल मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ किंग्स्टन में 9 जुलाई 2017 को खेला था। उसके बाद से उन्हें सीमित ओवरों की सीरीज में टीम इंडिया में जगह नहीं दी गई। अश्विन ने हिम्मत नहीं हारी और आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। जिसके बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें टी-20 विश्व कप टीम में शामलि किया। उनकी ये वापसी किसी सपने की तरह सच होने जैसी है।