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सुशील दोशी की कलम से: बेहद दिलचस्प होगा भारत-दक्षिण अफ्रीका का मुकाबला, डिकॉक के पास रोहित की बराबरी का मौका

सार

आज भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच मुकाबला है। जहां भारत के गेंदबाज फॉर्म में हैं, वहीं दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज भी नए-नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। मशहूर कमेंटेटर सुशील दोशी ने पाकिस्तान-न्यूजीलैंड मैच और भारत-दक्षिण अफ्रीका मैच को लेकर अपनी राय रखी है। आइए जानते हैं...
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सुशील दोशी की कलम से - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नमस्कार! मैं सुशील दोशी एक बार फिर से आपका स्वागत करता हूं। विश्व कप 2023 के मुकाबले बिल्कुल अंतिम पड़ाव की तरफ बढ़ते जा रहे हैं। भारत और दक्षिण अफ्रीका तो सेमीफाइनल में पहुंच ही गए हैं, लेकिन बाकी के दो स्थानों के लिए कड़ा संघर्ष चल रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने शनिवार को इंग्लैंड को पराजित कर दिया और अपने पांव सेमीफाइनल की तरफ बढ़ा दिए हैं। अब कोई अनिश्चितता या बहुत बुरा प्रदर्शन ही उन्हें सेमीफाइनल में पहुंचने से रोक सकता है।
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ऑस्ट्रेलिया एक जुझारू टीम है। उसका सेमीफाइनल में पहुंचने किसी को आश्चर्य नहीं करना चाहिए। अब चौथे स्थान के लिए संघर्ष बहुत ही कड़ा हो गया है। पाकिस्तान की किस्मत भी उसके साथ है और जिस पिच पर उन्हें खिलाया गया, वह ऐसी बल्लेबाजी कि पिच थी जहां गेंदबाज कुछ भी कर नहीं सकते थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने बहुत ही जबरदस्त प्रदर्शन किया। 400 से ऊपर का लक्ष्य प्राप्त करना कोई आसान काम नहीं होता है, लेकिन पाकिस्तान ने फखर जमान को पहले तो काफी देर तक दरकिनार रखा, काफी मैचों में उन्हें खिलाया ही नहीं गया, उनके प्रतिभा को कम तर आंका गया, लेकिन जब खिलाया तो उन्होंने अपना प्रभाव, अपना असर और अपना अस्तित्व दिखा दिया।

उन्होंने दिखा दिया कि क्यों उनकी जरूरत पाकिस्तान को बहुत ज्यादा है। पाकिस्तान के अन्य खिलाड़ियों में वह फायर पावर नहीं है। हालांकि, फखर जमान ने फायर पावर दिखाया और इसी कारण डकवर्थ लुईस नियम से उन्हें जीत हासिल हुई, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ बहुत महत्वपूर्ण जीत हासिल करके थोड़ी बहुत आशाएं पाकिस्तान के लिए भी बंध गई हैं। देखें न्यूजीलैंड के सामने सबसे बड़ी मुश्किल यह थी कि उसके अधिकांश जो मुख्य गेंदबाज हैं न वह सभी घायल होकर बाहर बैठे हैं। फर्ग्यूसन बाहर हैं, हेनरी बाहर हैं, नीशम भी बाहर हैं। तो ऐसे में उन्हें काम चलाऊ गेंदबाजों से ही काम चलाना पड़ा और इसी लिए उनकी ऐसी दर्दशा हो गई कि लग रहा था कि 400+ के लक्ष्य को भी पाकिस्तान हासिल करने में कामयाब हो जाएगा। डकवर्थ लुईस नियम से उनको जीत मिली और उनकी आशाएं कायम हैं।
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आज जो मैच है न भारत और दक्षिण अफ्रीका, इस पर सारी दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों की नजरें टिकी हुई हैं। यह मैच बहुत ही दिलचस्प होने वाला है। दोनों ही टीमें ऑलराउंड क्षमता के हिसाब से लगभग बराबरी की टीमें हैं। दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डिकॉक बहुत ही शानदार फॉर्म में हैं। चार शतक लगा चुके हैं। अगर वह भारत के खिलाफ भी शतक लगाते हैं तो रोहित शर्मा के एक विश्व कप में पांच शतक के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे।

उनके अन्य खिलाड़ी भी जो हैं, उनमें भी फायर पावर दिखता है। जैसे हम 'किलर मिलर' डेविड मिलर की बात करें तो वह बहुत तेजी से बनाते हैं। मैच का नक्शा ही वह अकेले हाथों से बदलने की काबिलियत रखते हैं। उसके अलावा क्लासेन हैं और अन्य खिलाड़ी भी उनके मजबूत हैं। दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी क्षमता भी बहुत अच्छी है। मार्को यानसेन ऊंचे कद के खिलाड़ी हैं और उनकी गेंद टप्पा खाकर ऊंची आती है। उनके सामने रन बनाना मुश्किल काम है। रबाडा और कोएत्जी भी बहुत बढ़िया गेंदबाजी कर रहे हैं।

एनगिडी को भी साथ मिलाकर दक्षिण अफ्रीका का गेंदबाजी आक्रमण भी बहुत जबरदस्त है। भारत को वह हर खिलाड़ी के हिसाब से कड़ी टक्कर दे सकते हैं। ये बहुत ही रोचक मुकाबला होगा। देखिए अगर आप जीतना चाहते हैं तो आपको सभी को पराजित करना ही पड़ेगा। भारत को इसी मनोवृत्ती के साथ इस टूर्नामेंट में आगे बढ़ना पड़ेगा कि आप विजेता बनना चाहते हैं, दक्षिण अफ्रीका कितनी भी मजबूत क्यों न हो, लेकिन अपने घर में हम खेल रहे हैं, अपने दर्शकों के सामने खेल रहे हैं, अपनी पहचानी हुई परिस्थितियों में खेल रहे हैं, ऐसे में जीत हासिल करना ज्यादा उनके लिए मुमकिन होगा। आइए ऐसी उम्मीद करते हैं कि भारत आज फिर से जीत हासिल करेगा। आप सभी को धन्यवाद।
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