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सुशील दोशी की कलम से: बोल्ट-साउदी और फर्ग्यूसन से बचकर रहे भारत, श्रेयस के फॉर्म में आने से टीम इंडिया मजबूत

सार

विश्व कप 2023 अब धीरे-धीरे अपने अंजाम तक पहुंचने जा रहा है। भारत का मुकाबला बुधवार को न्यूजीलैंड से है। यह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। मशहूर कमेंटेटर सुशील दोशी ने इस मुकाबले पर अपनी राय रखी है। आइए जानते हैं...
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सुशील दोशी की कलम से - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नमस्कार! मैं सुशील दोशी एक बार से आपका स्वागत करता हूं। 15 नवंबर का दिन ऐसा दिन है जिसमें सभी क्रिकेट प्रेमी निगाहें अपनी जमाए रखेंगे, क्योंकि उस दिन भारत का मुकाबला न्यूजीलैंड से सेमीफाइनल में होगा। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में यह मुकाबला होने वाला है और भारत भी नर्वस है और यहां के दर्शक भी नर्वस हैं क्योंकि हमें याद है कि 2019 में न्यूजीलैंड ने भारत का सपना तोड़ दिया था, लेकिन वह बात मैनचेस्टर की है।
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इंग्लैंड में वह विश्व कप हो रहा था और भारत कड़ा संघर्ष करके वह मैच आ रहा था, लेकिन न्यूजीलैंड ने तब भी चौथे नंबर पर रहकर वह टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया था और भारत को पराजित कर दिया था सेमीफाइनल में। भारत पहले नंबर पर चल रहा था अपने ग्रुप स्टेज पर, जैसा कि अभी भी चल रहा है इस बार भी। इसी कारण भारत न्यूजीलैंड को हल्के में आंकना नहीं चाहता है। वह जानता है कि न्यूजीलैंड एक ऐसी खतरनाक टीम है जो बड़े बड़ों को कभी भी चारों खाने चित कर सकती है और भारत इस तरह का कोई भी नुकसानदायक कदम उठाना नहीं चाहता है।

वानखेड़े स्टेडियम की बात यह है कि वहां पर शुरू में जो टॉस जीतेगा ना उसको बड़ा फायदा होगा। जो टीम पहले बल्लेबाजी करेगी वह काफी रन सकती है और जब बाद में लाइट्स होती है न फ्रंट लाइट्स उसमें गेंद थोड़ी स्विंग होती है और गेंद टप्पा खाकर स्विंग और सीम भी होती है और बाद में जाकर धीमी हो जाती है। फिर तो स्पिनर्स को मदद मिलती है। उस मायने में टॉस एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।
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न्यूजीलैंड की टीम का जो पेस आक्रमण है न वह भारत की तरह ही बहुत ही तीखा है, दुनिया के सप्ताह शक्तिशाली पेस आक्रमण में से एक है और इस आक्रमण में जो फर्ग्यूसन हैं और ट्रेंट बोल्ट हैं, वह भी बहुत अच्छी बॉलिंग करते हैं और जोड़ियों में शिकार करने के लिए आदि है। ट्रेंट बोल्ट की ही विशेषता है कि अपने शुरुआत के ओवर्स में ही वह विकेट टपका देते हैं और भारत के जो ओपनिंग बैटर है न उनकी फिलहाल आदत तो यह रही है पूरे टूर्नामेंट में कि वो अच्छी भागीदारी करते हैं शुरू में और अपने स्कोर को काफी बड़ा कर लेते हैं।

सेमीफाइनल में बहुत ही कड़ा संघर्ष होने वाला है क्योंकि भारत ने अगर पावरप्ले में, शुरू के दस ओवर्स में विकेट नहीं खोया तो फिर भारत एक बहुत बड़ा स्कोर खड़ा कर सकता है। तो पावरप्ले में बहुत कुछ निर्धारित हो जाएगा कि कौन सी टीम आगे बढ़ेगी कौन सी टीम जीतेगी। तो यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहेगा और देखना यह रहेगा कि पावरप्ले के दस ओवर्स में क्या न्यूजीलैंड के तेज आक्रमण का वार भारतीय बल्लेबाज सहन कर पाएंगे और क्या तेजी से रन बना पाएंगे जैसा कि रोहित शर्मा और शुभमन गिल लगातार कर रहे हैं।

अगर शुरू की दो विकेट जल्दी गिर गए तो मध्यक्रम की बल्लेबाजी पर भारत के ऊपर काफी दबाव आ सकता है और भारत दबाव में छिटकेगा कि नहीं? क्या वह सिर्फ तेजी से रन बना पाएगा? यह तमाम चीजें प्रश्नचिन्हों की तरह उभरेगी, क्योंकि अभी तक भारत ऐसी स्थिति में आया ही नहीं है और ऐसी स्थिति अगर आ गई तो भारतीय बल्लेबाजों का व्यवहार क्या रहेगा, यह एक देखने की बात होगी। यह तमाम दिलचस्प प्रश्न सामने है। मध्यक्रम में भी अब शक्तिशाली प्रदर्शन किया जा रहा है भारत की तरफ से।

रोहित शर्मा और शुभमन गिल, यह तो शुरू में अच्छा खेल ही रहे हैं। रोहित शुभमन के साथ एक बड़ी भागीदारी लगा रहे हैं। उससे एक बुनियाद पड़ जा रही है और भारत एक बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल हो रहा है। श्रेयस अय्यर जिस तरह से फॉर्म में आए हैं न वह शानदार है। मध्यक्रम में भी अब केएल राहुल और श्रेयस अय्यर ने अपनी भूमिका का सही तरीके से निर्वाह किया और सही वक्त पर फॉर्म में लौट आए हैं। लेकिन अब जो बॉलर्स है न, यह मुकाबला बहुत ही बड़ा है क्योंकि अब तक जिन बॉलिंग का सामना भारत करता रहा है वह बॉलिंग उतनी तीखी नहीं थी।

नीदरलैंड के बॉलर 130, 133 किलोमीटर की रफ्तार से बॉलिंग करते हैं। श्रीलंका के बॉलर्स भी 130 के आसपास की बॉलिंग करते हैं. लेकिन फर्ग्यूसन जो बॉलिंग करते हैं ना वह 145 से 150 किलोमीटर, ट्रेंट बोल्ट भी लगभग इतना ही किलोमीटर प्रति घंटे की और जो साउदी है वह गेंद को स्विंग कराने की कला में बहुत माहिर हैं और शुरू में विकेट टपका देते हैं। तो यह जो आक्रमण है न्यूजीलैंड का बहुत तीखा और उनके स्पिनर जो है वो भी बहुत अच्छे हैं। तो एक तरह से भारत के लिए कड़ी परीक्षा है।

भारत के स्पिनर्स भी तभी दबाव डाल पाएंगे, जब जसप्रीत बुमराह, शमी और सिराज शुरू में विकेट टपका देंगे। अगर यह शुरू में विकेट टपका देते हैं न तो मध्य में, मध्य ओवर्स में स्पिनर्स जडेजा और कुलदीप, यह भी दबाव डालने में सफल होते हैं, लेकिन अगर तेज गेंदबाजों ने विकेट नहीं टपकाए, तो फिर स्पिनर्स को बड़ी मार पड़ने वाली है। यह भी आप लिख कर रख लीजिए। तो कुल मिलाकर यह मैच जो सेमीफाइनल का होगा ना, जबरदस्त होगा। हम दूसरे सेमीफाइनल की बात तो बाद में करेंगे। पहले सेमीफाइनल पर नजर रखिए। मैं भी नजर रख रहा हूं, आप भी नजर रखिए और आइए सोचते हैं कि भारत यह बाधा भी पार कर लेगा। धन्यवाद।
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