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Suryakumar Yadav: किसी भी टी20 टूर्नामेंट के फाइनल में नहीं चले सूर्यकुमार, पाकिस्तान के खिलाफ तो और बुरा हाल

Wed, 01 Oct 2025 10:47 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

फाइनल समेत पूरे टूर्नामेंट में टीम के स्टार बल्लेबाज और कप्तान सूर्यकुमार यादव कोई भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में सूर्यकुमार पांच गेंदों पर केवल एक रन बनाकर आउट हो गए थे। टूर्नामेंट के दौरान सूर्यकुमार की बल्लेबाजी ने फैंस को जरूर निराश किया।
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सूर्यकुमार यादव - फोटो : ANI
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विस्तार
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एशिया कप 2025 में भारतीय टीम भले ही चैंपियन बनी हो, लेकिन टूर्नामेंट में बल्लेबाजी की असली परीक्षा हुई। अगले साल भारत और श्रीलंका की सहमेजबानी में टी20 विश्व कप खेला जाना है। ऐसे में भारतीय टीम को अपनी तैयारियों को परखने का सही अवसर मिला। शीर्ष क्रम में जहां अभिषेक शर्मा ने तूफानी शुरुआत दिलाई, वहीं मध्यक्रम में तिलक वर्मा के अलावा कुछ खास देखने को नहीं मिला।
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फाइनल समेत पूरे टूर्नामेंट में टीम के स्टार बल्लेबाज और कप्तान सूर्यकुमार यादव कोई भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में सूर्यकुमार पांच गेंदों पर केवल एक रन बनाकर आउट हो गए थे। उनकी यह पारी न केवल भारतीय फैंस को निराश कर गई बल्कि एक बार फिर उनके बड़े मैचों में औसत प्रदर्शन पर सवाल खड़े कर गई।
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शाहीन की गेंद पर गलत शॉट खेलकर आउट
फाइनल मैच के तीसरे ओवर में शाहीन अफरीदी की गेंद पर सलमान आगा ने शानदार डाइव लगाकर कैच पकड़ा। अंपायर ने इसे थर्ड अंपायर को रेफर किया, जिन्होंने रिप्ले में साफ देखा कि कैच क्लीन था और तुरंत आउट दे दिया। इस विकेट के साथ भारत का स्कोर 10/2 हो गया और पाकिस्तान के गेंदबाजों का उत्साह आसमान पर पहुंच गया था। शाहीन अफरीदी ने विकेट लेने के बाद कप्तान को गले लगाया और पूरी टीम ने मिलकर जश्न मनाया। स्टेडियम में मौजूद पाकिस्तानी फैंस खुशी से झूम उठे। हालांकि, फिर संजू सैमसन और शिवम दुबे के साथ तिलक की साझेदारी ने भारतीय टीम को जीत दिलाई। भारतीय टीम चैंपियन तो बनी, लेकिन सूर्यकुमार की बल्लेबाजी पर सवाल जरूर खड़े हो रहे हैं।

सूर्यकुमार के आंकड़े बेहद खराब
सूर्यकुमार यादव के आंकड़े बड़े मैचों में उनकी मुश्किलों को साफ दिखाते हैं। पाकिस्तान के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनके बल्ले से आठ पारियों में सिर्फ 112 रन निकले, औसत 16 और स्ट्राइक रेट महज 113.13 का रहा। साल 2025 में भी उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। उन्होंने 11 पारियों में मात्र 100 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 11.11 का और स्ट्राइक रेट 105.26 का रहा है। सबसे चिंता की बात यह है कि किसी भी टी20 टूर्नामेंट के फाइनल में सूर्यकुमार अभी तक अपने नाम के अनुरूप नहीं खेले हैं। लीग और इंटरनेशनल टूर्नामेंट फाइनल मिलाकर उनकी 8 पारियों में सिर्फ 115 रन आए हैं, औसत 14.37 और स्ट्राइक रेट 108.49 का रहा है। 

बड़े मैचों में फेल रहे हैं सूर्यकुमार यादव
विशेषज्ञ मानते हैं कि सूर्यकुमार की स्ट्राइक रोटेट करने और शुरुआती दबाव झेलने की क्षमता बड़े मैचों में प्रभावित होती है। 2023 वनडे विश्व कप के फाइनल में भी वह कुछ खास नहीं कर सके थे और 28 गेंद में 18 रन बना पाए थे। वहीं, 2024 टी20 विश्व कप के फाइनल में सूर्यकुमार चार गेंद में तीन रन बना पाए थे। पाकिस्तान के खिलाफ उनका रिकॉर्ड और भी कमजोर है, खासकर तेज गेंदबाजों के खिलाफ। हारिस रऊफ और अफरीदी ने उन्हें कई बार आउट किया है और फाइनल में एक बार फिर वही कहानी दोहराई।

एशिया कप में बेहद खराब फॉर्म दिखाया
भारत के लिए यह विकेट बेहद अहम था क्योंकि सूर्यकुमार टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज हैं और उन पर पारी को संभालने की जिम्मेदारी थी। हालांकि, इस मैच में एक बार फिर उनकी जल्दी वापसी ने टीम पर दबाव बढ़ा दिया। सूर्यकुमार इस पूरे एशिया कप के दौरान खराब खेले। वह छह पारियों में 18 की औसत और 101 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 72 रन बना सके। इनमें एक भी अर्धशतक नहीं है। पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप स्टेज के दौरान उन्होंने 47 रन की नाबाद पारी खेली थी। इसके अलावा उनकी पारियां- 12 रन, 5 रन, 0 और नाबाद 7 रन की रही हैं।
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कप्तानी का दबाव या कुछ और?
भारतीय फैंस सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कई प्रशंसकों का कहना है कि सूर्यकुमार को अपनी तकनीक और मानसिक दृष्टिकोण पर काम करने की जरूरत है ताकि बड़े मैचों में टीम को मजबूत शुरुआत दे सकें। वहीं कुछ लोग मानते हैं कि कप्तानी का दबाव भी उनके खेल पर असर डाल रहा है। बतौर भारतीय कप्तान सूर्यकुमार ने 29 मैचों में 25.20 की औसत और 152.54 के स्ट्राइक रेट से 630 रन बनाए हैं। इनमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, कप्तान न रहते हुए सूर्यकुमार ने 61 मैचों में 43.40 की औसत और 168.17 के स्ट्राइक रेट से 2040 रन बनाए थे। यह आंकड़े बताते हैं कि कप्तानी का दबाव सूर्यकुमार पर भारी पड़ा है।
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