लक्ष्य का पीछा करते हुए सूर्यकुमार का रिकॉर्ड शानदार
लक्ष्य का पीछा करते हुए सूर्यकुमार ने टी20 में भारत के लिए 11 पारियों में 51 के औसत और 172.88 के स्ट्राइक रेट से 408 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और तीन अर्धशतक निकले हैं। इस दौरान दो बार वह शून्य के स्कोर पर भी आउट हुए हैं, लेकिन उनके टी20 करियर की सबसे बड़ी पारी (117 रन) भी लक्ष्य का पीछा करते हुए ही आई है। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ इसी साल यह कारनामा किया था, हालांकि भारत करीबी अंतर से मैच हार गया था। वहीं, पहले बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 18 पारियों में 30.47 के औसत और 176.19 के स्ट्राइक रेट से 518 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका सबसे बड़ा स्कोर नाबाद 68 रन रहा है। यह स्कोर उन्होंने हाल ही में एशिया कप में हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ बनाया था।
टी20 में लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट का रिकॉर्ड
विराट कोहली ने टी20 क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत के लिए 43 पारियों में 73 के औसत और 136.44 के स्ट्राइक रेट से 1898 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 19 अर्धशतक निकले हैं और उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 94 रन रहा है। हालांकि, कोहली लक्ष्य का पीछा करते हुए कभी शून्य के स्कोर पर आउट नहीं हुए। वहीं, पहले बल्लेबाजी करते हुए विराट ने 56 पारियों में 38.30 के औसत और 139.84 के स्ट्राइक रेट से 1762 रन बनाए हैं। उनके टी20 करियर का एकमात्र शतक (नाबाद 122 रन) पहले बल्लेबाजी करते हुए ही आया है। उन्होंने हाल ही में एशिया कप में अफगानिस्तान के खिलाफ यह पारी खेली थी।
टी20 में भारत के खिलाफ सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज
विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी की जोड़ी लक्ष्य का पीछा करने में माहिर थी। इन दोनों ने मिलकर भारत को कई मुश्किल मैच जिताए थे। अब धोनी के जाने के बाद विराट को नया जोड़ीदार मिल गया है। सूर्यकुमार की बल्लेबाजी में भी वही कला है, जो इन दोनों के पास है। हालांकि, सूर्यकुमार यादव तेजी से रन बनाते हैं और इससे उनके साथी खिलाड़ी के ऊपर से दबाव कम होता है। अगर वह लंबे समय तक खेल पाते हैं तो आने वाले समय में विराट के साथ मिलकर कई मैच जिता सकते हैं।
भारतीय बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने खुलासा किया है कि वह रविवार को हैदराबाद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टी 20 से पहले पेट दर्द और बुखार से जूझ रहे थे। निर्णायक मैच होने के कारण उन्होंने मेडिकल स्टाफ से कुछ भी करके और उन्हें खेल के लिए तैयार करने का आग्रह किया। प्लेयर ऑफ द सीरीज अक्षर पटेल के साथ बातचीत में सूर्यकुमार ने बताया कि कैसे वह तबीयत खराब होने के बावजूद खेलने में सफल रहे।
उन्होंने कहा- मौसम बदलने और यात्रा के कारण मेरे पेट में दर्द हो रहा था और फिर मुझे बुखार भी हो गया। मुझे पता था कि यह निर्णायक मैच था। तो मैंने डॉक्टर और फिजियो से कहा अगर ये वर्ल्ड कप फाइनल होता तो मैं कैसे रिएक्ट करता? मैं इस तरह बीमार नहीं रह सकता। कुछ भी करो, मुझे कोई दवा या इंजेक्शन दो, लेकिन मुझे खेलने के लिए तैयार करो। मैदान पर पहुंचने और जर्सी पहनने के बाद एक अलग ही इमोशन होता है।