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धोनी AUS के खिलाफ रैना को बना रहे दूसरा 'युवराज'

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वर्ल्ड कप 2015 के दूसरे सेमीफाइनल में 26 मार्च को भारत फाइनल के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उतरेगी। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मैच जीतने के लिए एक नई रणनीति पर चल रहे है। वह टीम के हरफनमौला खिलाड़ी सुरेश रैना को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में दूसरा युवराज के रुप में उतारेंगे।
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भारतीय दर्शकों के साथ-साथ टीम इंडिया के कप्तान धोनी को यह बात अच्छी तरह से याद है कि 2011 वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जब टीम के ऊपरी क्रम के बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौट चुके थे, तो युवराज ही थे जिन्होंने टीम को जीत का स्वाद चखाकर ऑस्ट्रेलिया को टूर्नामेंट से बाहर किया था। उस मैच की खास बात यह भी थी कि युवराज के साथ क्रीज पर रैना भी नाबाद रहे थे।

कप्तान धोनी की इस रणनीति का खुलासा हुआ नेट प्रेक्टिस के दौरान, जब टीम के कोच डंकर फ्लेचर रैना को स्पेशल ट्रेनिंग देते हुए दिखे। रैना को बाउंसर गेंदों पर काफी प्रैक्टिस कराई गई। धोनी जानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया के सीमरों के पास टीम इंडिया को बैकफुट पर डालने के लिए बांउसर का हथियार है।
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रैना की हुई 45 मिनट की स्पेशल ट्रेनिंग

बाउंसर भले ही इस वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों का बड़ा हथियार रहा हो, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के लिए भी विपक्षी टीमों का यह हथियार कम परेशानी का सबब नहीं है। यही वजह है कि बल्लेबाज बाउंसर से निपटने का रास्ता खोजने में जी-जान से जुटे हैं।

इसी के तहत कप्तान धोनी व कोच फ्लेचर खासतौर से रैना की इस सबसे बड़ी कमजोरी को दूर करने में लग गए हैं। दोनों ने 26 तारीख को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल से पूर्व सोमवार को रैना को करीब 45 मिनट तक बाउंसर से निपटने के लिए तैयारी कराई।

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर जहां एक और भारतीय टीम के अन्य खिलाड़ी रूटीन अभ्यास में व्यस्त थे, वहीं रैना को कोच फ्लेचर टेनिस बॉल से बाउंसर खेलने का तरीका बता रहे थे। इस दौरान डंकन ने रैना के शरीर को निशाना बनाते हुए टेनिस रैकेट से सर्विस की जिस पर रैना ने कुछ अच्छे हुक और पुल लगाए तो कई बार वह चूके भी।

फ्लेचर ने करीब 15 मिनट तक यह तैयारी कराई, जिसके बाद धोनी ने यह जिम्मा संभाला। धोनी की ताकतवर सर्विस पर रैना असहज नजर आए। बीच-बीच में धोनी ने रैना से बात भी की। अभ्यास को देखते हुए इतना तय है कि टीम इंडिया ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों जॉनसन और स्टार्क की बाउंसरों से निपटने के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहती है।
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