वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम में संकट का दौर बना हुआ है। विस्फोटक बल्लेबाज कीरोन पोलार्ड और ड्वेन स्मिथ जैसे क्रिकेटरों को बाहर करने के बाद वेस्टइंडीज को वर्ल्ड कप में अपने करिश्माई गेंदबाज सुनील नारायन का भी साथ मिलेगा।
विंडीज बोर्ड ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए पोलार्ड और स्मिथ को बाहर करना काफी नहीं था कि अब उसके सबसे बेहतरीन गेंदबाज का साथ ही इस वर्ल्ड कप में नहीं मिलने जा रहा। नारायन ने इस टीम से हटने का फैसला कर लिया है।
इस रहस्यमयी फिरकी गेंदबाज को पिछले साल भारत में हुए चैंपियंस लीग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के कारण टूर्नामेंट में गेंदबाजी करने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। वह चैंपियंस लीग में कोलकाता नाइटराइडर्स की ओर से खेल थे और आईपीएल में भी इसी टीम का हिस्सा हैं।
नारायन ने अपना फैसला सुनाते हुए बोर्ड से कहा है कि अपनी गेंदबाजी एक्शन में सुधार लाने के लिए अभी और काम करने की जरूरत है और इस पर वह अपना फोकस करना चाहते हैं।
क्या गजब की वापसी की थी नारायन ने
रहस्यमयी गेंदबाज सुनील नारायन ने (वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड) से कह दिया है कि अपनी गेंदबाजी में सुधार खुद अपने स्तर पर कर लेंगे। उन्होंने बोर्ड का उसका योगदान लेने से मना कर दिया है।
चैंपियंस लीग में गेंदबाजी पर बैन लगने के बाद 3 महीने हो चुके हैं और उन्होंने इस दौरान प्रतिस्पर्धात्मक क्रिकेट नहीं खेली है। 3 महीने से क्रिकेट से दूर रहने के बाद नारायन ने रविवार को त्रिनिदाद एंड टोबैगो में एक घरेलू एकदिवसीय टूर्नामेंट में अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इस मैच में उन्होंने त्रिनिदाद एंड टोबैगो की ओर से खेलते हुए 8 ओवर डाले और 6 विकेट झटक लिए।
अपने 8 ओवर के स्पेल में 3 मेडन के साथ 9 रन देकर 6 विकेट झटक लिए। इसमें अनुभवी बल्लेबाज शिवनारायन चंद्रपॉल का बड़ा विकेट भी शामिल है। उन्होंने चंद्रपॉल को एक बेहतरीन ऑफब्रेक के साथ पगबाधा कर चलता किया। उन्होंने अपने 6 में से 5 बल्लेबाजों को पगबाधा कराया।
हालांकि इस बेहद गजब की वापसी के बाद ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि वह वर्ल्ड कप में खेलेंगे लेकिन नारायन ने स्वीकार किया कि अभी वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए तैयार नहीं हैं। घरेलू वनडे टूर्नामेंट में मिली कामयाबी के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, लेकिन उन्होंने बोर्ड को बता दिया है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वह तभी वापसी करेंगे जब उन्हें 100 फीसदी भरोसा हो जाए कि वह अब तैयार हैं खेलने के लिए।
प्रतिबंधित होने के बावजूद वल्ड्र कप टीम में थे नारायन
आश्चर्यजनक है कि रहस्यमयी गेंदबाज सुनील नारायन ने आईसीसी के उस फैसले के एक हफ्ते के अंदर वर्ल्ड कप से नाम वापस ले लिया है जिसमें उसने कहा था कि वह उन गेंदबाजों के लिए फास्ट ट्रैक प्रक्रिया के आधार पर सुनवाई करेगा जिनकी गेंदबाजी एक्शन को लेकर रिपोर्ट की जा चुकी है।
गेंदबाजी एक्शन को लेकर दुनियाभर की कई टीमों के गेंदबाजों पर सवाल खड़े किए जा चुके हैं जिससे उनकी टीमों की योजना पर पानी फिर गया है। कई टीमों को अपने प्रमुख गेंदबाजों के प्रतिबंधित होने से अपनी योजना तक बदलनी पड़ रही है।
सईद अजमल को गेंदबाजी से प्रतिबंधित किए जाने से पाकिस्तान क्रिकेट टीम की तैयारियों को झटका लगा ही है। वहीं वेस्टइंडीज बोर्ड ने सुनील नारायन को चैंपियंस लीग में गेंदबाजी से प्रतिबंधित किए जाने के बावजूद वर्ल्ड कप के लिए घोषित 15 खिलाड़ियों में शामिल किया था। लेकिन उनके फैसले ने वेस्टइंडीज टीम को तगड़ा झटका दे दिया।