विराट कोहली के बल्ले से रनों का सूखा जारी है। इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में वह कोई खास पारी नहीं खेल पाए थे। पहली पारी में कोहली 11 रन और दूसरी पारी में 20 रन बनाकर आउट हुए थे। टेस्ट मैच में कोहली की बॉल को स्विंग से रोकने की खास तरह की रणनीति फ्लॉप साबित हुई। ऐसे में क्रिकेट जगत में उनकी काफी आलोचना भी हो रही है।
विराट ने टेस्ट के दौरान स्विंग को कैंसिल करने के लिए गेंद को पहले खेलने की कोशिश की थी। भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गज सुनील गावस्कर को लगता है कि कोहली का यह फैसला उनके लिए मुसीबत बनकर उभरा और बैकफायर कर गया। गावस्कर ने कहा कि इंग्लैंड में खिलाड़ी जितनी देर से गेंद को खेलता है, उसे उतनी मदद मिलती है। कोहली फिलहाल शतकों के सूखे से भी जूझ रहे हैं और यह कारनामा करते हुए उन्हें तीन साल पूरे होने वाले हैं।
गावस्कर ने कहा- इंग्लैंड में खेलने की तरकीब यही है कि जितना हो सके देर से खेलें। इस दौरान आप गेंद को अपना काम करने देते हैं और देरी से शॉट खेलते हैं। मैंने जो कुछ भी हाइलाइट्स में देखा है, उससे ऐसा लग रहा कि कोहली गेंद को जल्दी खेलने की कोशिश कर रहे थे। कोहली गेंद तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। गावस्कर ने बताया कि कोहली को 2018 में इंग्लैंड में सफलता मिली थी, क्योंकि वह काफी लेट खेल रहे थे और ऑफ-स्टंप के आसपास खेल रहे थे।
गावस्कर को लगता है कि कोहली के इस नए स्ट्रेटजी की वजह उनका खराब फॉर्म रहा है। ऐसे समय में खिलाड़ी हर गेंद को खेलने की कोशिश करता है और यह अक्सर खतरे से भरा होता है। यह संभवतः एक कारण हो सकता है। जब आप फॉर्म में नहीं होते हैं, तो आप रन बनाने के लिए लगभग हर गेंद को खेलते हैं, उनमें से हर एक को हिट करने की कोशिश करते हैं। उन्हें इस पर गौर करना चाहिए।
गावस्कर को यह भी लगता है कि कोहली की किस्मत भी उनका साथ नहीं दे रही है। उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि विराट बल्लेबाजी करते वक्त ध्यान दें कि गेंदबाज आगे क्या करने जा रहा है। कोहली एजबेस्टन टेस्ट में पहली पारी में मैथ्यू पॉट्स की गेंद पर आउट हुए थे, जबकि दूसरी पारी में बेन स्टोक्स ने उन्हें पवेलियन भेजा था।