दिग्गज भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने शुभमन गिल के आगामी दलीप ट्रॉफी में भाग लेने के फैसले की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे उनके साथियों को राष्ट्रीय टीम में न होने पर घरेलू क्रिकेट खेलने के महत्व के बारे में सही संदेश जाएगा। गावस्कर ने गिल की सराहना की और कहा कि उन्होंने इंग्लैंड में पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के बाद भी नॉर्थ जोन का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया जो अच्छा फैसला है।
भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज 2-2 की बराबरी पर छूटी थी। इंग्लैंड दौरा निजी तौर पर गिल के लिए अच्छा रहा था और उन्होंने सीरीज में 750 से ज्यादा रन बनाए और वह सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने थे। गावस्कर ने अपने एक कॉलम में लिखा, गिल का नॉर्थ जोन टीम की कप्तानी करना इस टूर्नामेंट के लिए सुखद संकेत है। उपलब्ध रहकर भारतीय कप्तान टीम के बाकी सदस्यों को सही संकेत दे रहे हैं। यह समझ में आता अगर छह सप्ताह से भी ज्यादा समय में पांच टेस्ट मैच खेलने वाले इस थकाऊ दौरे के बाद उन्होंने आराम करने का विकल्प चुना होता।
पूर्व भारतीय कप्तान ने यह भी कहा कि गिल का खेलना सकारात्मक है, लेकिन तेज गेंदबाजों को टूर्नामेंट से आराम देने का फैसला समझदारी भरा है। गावस्कर ने कहा, तेज गेंदबाजों का न खेलना अच्छी बात है, क्योंकि ग्लोबल वार्मिंग के कारण इंग्लैंड में इस समय असामान्य रूप से गर्मी पड़ रही है और पूरी सीरीज में लगातार गेंदबाजी करने के बाद उनकी ऊर्जा जरूर खर्च हो गई होगी।
पारंपरिक प्रारूप में लौटा दलीप ट्रॉफी
इस साल दलीप ट्रॉफी अपने पारंपरिक क्षेत्रीय प्रारूप में लौटा है, जिसमें चार टीमें शामिल हैं। इनमें भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाले खिलाड़ी शामिल हैं। टीमों का चयन क्षेत्रीय समितियों द्वारा किया गया है, जिसमें प्रत्येक क्षेत्र के सभी राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हैं। गिल के नेतृत्व में नॉर्थ जोन अपने अभियान की शुरुआत ईस्ट जोन के खिलाफ करेगा। इसमें जीत से सेमीफाइनल में उसका मुकाबला दक्षिण क्षेत्र या पश्चिम क्षेत्र से होगा।