भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने टेस्ट टीम की कमान सौंपने के लिए जसप्रीत बुमराह का समर्थन किया है। उन्होंने बुमराह के वर्कलोड से जुड़ी चिंताओं को भी खारिज किया है। गावस्कर का बयान ऐसे समय सामने आया है जब चयनकर्ता रोहित शर्मा के उत्तराधिकारी की तलाश कर रहे हैं। भारत को अगले महीने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है और रोहित के टेस्ट प्रारूप से संन्यास लेने के बाद नए कप्तान की तलाश जारी है।
पहले भी कप्तानी कर चुके हैं बुमराह
रोहित के अलावा विराट कोहली ने भी लाल गेंद के प्रारूप को अलविदा कह दिया है। रोहित की अनुपस्थिति में बुमराह पहले भी टेस्ट टीम की कमान संभाल चुके हैं और अपने प्रदर्शन के दम पर भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान बनने की दौड़ में शामिल हैं। गावस्कर का मानना है कि एक तेज गेंदबाज के तौर पर बुमराह अपने कार्यभार को प्रबंधित करने और अपनी जरूरतों के अनुसार मैदान पर फैसले लेने में सबसे बेहतर हैं।
बुमराह को कप्तानी सौंपने के बताए कारण
गावस्कर ने कहा, खुद से बेहतर कौन जान सकता है कि उसका कार्यभार क्या है? अगर आप किसी और को कप्तान बनाते हैं, तो वे हमेशा बुमराह से एक अतिरिक्त ओवर चाहेगा। अगर वह आपका नंबर 1 गेंदबाज है, तो वह खुद ही जानता होगा कि हां, यह वह समय है जब मुझे ब्रेक लेना चाहिए। मेरे हिसाब से, यह केवल जसप्रीत बुमराह ही हो सकता है। मैं उनके कार्यभार और इस तरह की सभी अटकलों को जानता हूं। उसे यह काम दे दो ताकि वह जान सके कि उसे कितने ओवर गेंदबाजी करनी है, कब उसे आराम करना है। यह सबसे अच्छी बात होगी।
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उन्होंने कहा, बुमराह को शायद टेस्ट मैच मिस न करना पड़े। अगर आप उसे कप्तानी देते हैं, तो वह जान सकता है कि उसका शरीर थकने से पहले उसे कब रुकना है। मेरे हिसाब से, उसे कप्तानी सौंपनी चाहिए। पहले टेस्ट के बाद, आठ दिन का अंतराल है। फिट होने के लिए पर्याप्त समय है। फिर, दो लगातार टेस्ट मैच हैं। यह ठीक है। फिर एक और ब्रेक है। अगर आप उसे कप्तानी देते हैं, तो वह यह जानने के लिए सबसे अच्छा व्यक्ति होगा कि कब गेंदबाजी करनी है।
गिल-पंत दौड़ में शामिल
बुमराह ने इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ 2022 बर्मिंघम टेस्ट और फिर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 के दौरान भारत की कप्तानी की थी। उनके नेतृत्व में भारत ने पर्थ में ऑस्ट्रेलिया पर 295 रनों की शानदार जीत हासिल की थी। उन्होंने इस साल की शुरुआत में सिडनी टेस्ट में भी टीम की अगुआई की थी, जब रोहित बाहर बैठे थे। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि बुमराह कप्तानी की दौड़ से हट सकते हैं क्योंकि कार्यभार प्रबंध के चलते उन्हें पांचों टेस्ट मैच खेलने में दिक्कत आ सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, चयनकर्ता कप्तान के तौर पर शुभमन गिल और ऋषभ पंत के नाम पर विचार कर रहे हैं। इन सब के बावजूद गावस्कर बुमराह को कप्तानी सौंपे जाने के पक्ष में हैं।