टीम इंडिया छह दिसंबर से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज का आगाज करने जा रही है। इस टेस्ट सीरीज में शिखर धवन टीम का हिस्सा नहीं हैं और एमएस धोनी ने भी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले रखा है। इसके बावजूद दोनों खिलाड़ियों ने घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी 2018-19 से दूरी बना रखी हैं। इसे लेकर पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने बड़ा बयान दे दिया है।
सुनील गावस्कर ने इस मामले से सवाल खड़े करते हुए कहा, 'बीसीसीआई की इसके प्रति जवाबदेही बनती है कि आखिरी धोनी-धवन खाली रहते हुए भी घरेलू टूर्नामेंट क्यों नहीं खेल रहे हैं। फिलहाल इन खिलाड़ियों के पास कोई नेशनल ड्यूटी नहीं है। अगर भारतीय टीम को लगातार इंटरनेशनल लेवल पर अच्छा करना है तो खिलाड़ियों का फॉर्म में रहना जरूर है।'
गावस्कर ने कहा, 'धोनी ने अपना आखिरी मैच अक्टूबर में खेला था। अब वो अपना अगला मैच जनवरी में खेलेंगे, जो एक बड़ा गैप है। अब यदि धोनी का खराब फॉर्म ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी वन-डे सीरीज के बाद न्यूजीलैंड दौरे पर भी जारी रहा तो विश्व कप में उन्हें खिलाने को लेकर आलोचक फिर सवाल उठाने लगेंगे।'
गावस्कर ने कहा, 'उम्र बढ़ने के साथ-साथ अक्सर खिलाड़ी डोमेस्टिक क्रिकेट में ध्यान कम लगाने लगते हैं। इसके अभाव में आप बड़े लेवल पर कोई बड़ी पारी नहीं खेल पाते। अगर आप घरेलू क्रिकेट में किसी भी फॉर्मेट में खेलते हो तो आपको लंबी पारी खेलने का मौका मिलता है। इससे आपको अच्छी प्रैक्टिस मिल जाती है।'