तूफानी बल्लेबाज क्रिस गेल बेहद कम बोलते दिखते हैं लेकिन उनका बल्ला जब बोलना शुरू करता है तो वह किसी के रोके नहीं रुकता। अब भारत में खेले जा रहे टी-20 वर्ल्ड कप के अपने पहले ही मैच में उन्होंने जो धमाका किया उसने सभी को चेता दिया कि कोई उनके रहते उनकी टीम को कमतर न आंके।
गेल पूरे 14 महीने बाद जब वेस्टइंडीज के लिए कोई टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेलने उतरे तो ऐसा लगा कि वह अपनी पिछली पारी को ही आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने 14 महीने पहले अपना अंतिम टी-20 मैच (11 जनवरी, 2015) खेला था जोहांसबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ। इस मैच में भी उन्होंने लक्ष्य की पीछा करते हुए 41 गेंदों में 90 रनों की पारी खेली थी और सिर्फ 10 रन से अपने शतक दूर रह गए थे। इससे पहले वाले मैच में भी उन्होंने 31 गेंदों में इसी टीम के खिलाफ 77 रनों की विस्फोटक पारी खेली।
पिछले 2 मैचों में धुआंधार पारी खेलने के बाद गेल जब जॉनसन चार्ल्स के साथ विंडीज की पारी की शुरुआत करने आए तो जल्द ही यह जोड़ी टूट गई। चार्ल्स 0 पर आउट हो गए और गेल को दूसरे ओवर में बल्लेबाजी का मौका मिला तो पहले 2 गेंदों पर वह एक भी रन नही बना सके, फिर इसके बाद तीसरी गेंद पर चौके से खाता खोला और अगली गेंद पर छक्का ठोंक दिया। इसके बाद तो गेल के बल्ले को आग उगलने से इंग्लैंड का कोई भी बल्लेबाज नहीं रोक सका और फिर 47 गेंदों में शानदार शतक जमा दिया।
विस्फोटक गेल की धमाकेदार पारी में एक अजूबा भी हुआ जिसमें 44, 45, 46, 47 और 48 का अनोखा 'पंजा' लगा।