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बुकी के संपर्क में था एक स्टार क्रिकेटर, जांच अधिकारी ने किया खुलासा

Thu, 23 Aug 2018 11:26 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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2011 विश्व कप चैंपियन टीम का सदस्य और आईपीएल का स्टार भारतीय क्रिकेटर 2008-09 सीजन के दौरान बुकी के संपर्क में था। दोनों के बीच कथित बातचीत का रिकॉर्ड भी था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एक सीनियर पुलिस जांचकर्ता ने कहा कि बुकी उन्हें इसके सबूत देना चाहता था, लेकिन फिर वह पीछे हट गया और इसके बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
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बीबी मिश्रा 2013 इंडियन प्रीमियर लीग में भ्रष्टाचार जांच के प्रमुख जांचकर्ता थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्त किया था। मिश्रा ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कई राज खोले हैं। उन्होंने बताया कि मामले को इसलिए नहीं सुलझा सके क्योंकि उनके पास समय नहीं था। उच्चतम न्यायालय को रिपोर्ट सौंपने की समयसीमा से कुछ दिन पहले मिश्रा ने बुकी से बात की थी। मगर यह उनके विशेषाधिकार का हिस्सा नहीं था, जिसकी वजह से यह मामला सुलझ नहीं सका।

मिश्रा ने नौ खिलाड़ियों की जांच की लेकिन यह केवल उन अधिकारियों की जांच का निष्कर्ष था जिन्हें सार्वजनिक किया गया था और कार्य किया गया था।

2008-09 में खिलाड़ी-बुकी के बीच कथित चैट के बारे में बात करते हुए मिश्रा ने कहा, 'भारत में एक अंतरराष्ट्रीय मैच खेला जा रहा था, जिससे संबंधित की एक घटना है। मगर मैं उस घटना की अपने स्तर पर जांच नहीं कर सका। इसकी मैंने सलाह दी थी। यह एक अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान हुई थी। या फिर 2008-09 में मैच के एक या दो दिन पहले घटा था।'
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खिलाड़ी का नाम पूछने पर मिश्रा ने दिया यह जवाब

IPL
हालांकि, मिश्रा ने खिलाड़ी की पहचान बताने से इंकार कर दिया। सबूत के बारे में पूछने पर मिश्रा ने कहा, 'खिलाड़ी और बुकी के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जो रिकॉर्ड हो चुकी थी। इसकी जांच करने में 31 अक्टूबर से ज्यादा समय लग जाता। टेलीफोन पर दो आवाजें थी। कथित तौर पर एक आवाज बुकी और एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी की थी। अगर मैं जांच करता तो खिलाड़ी और बुकी की आवाजों का सैंपल लेता।' 

'फिर उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजता। इसमें एक महीना लग जाता। और फिर मैं ऐसा क्यों करता जब यह मेरे विशेषाधिकार का हिस्सा नहीं था। अगर हमारे पास ज्यादा समय होता तो इसकी जांच जरूर करते। हमें कोई मौका नहीं मिला जब खिलाड़ी और बुकी एक-दूसरे का सामना कर रहे हो। मैंने बुकी से बात की। उसने कहा था कि खिलाड़ी से संपर्क में था।'

उन्होंने आगे कहा, 'मैं बुकी से मिली जानकारी को लेकर खिलाड़ी के सामने जाता। मगर बुकी ने सबूत नहीं दिए जबकि मुझे पता था कि सबूत हैं। मैं उसे हासिल नहीं कर पाया। मुझे सिर्फ इस मामले पर इतना पता है कि बुकी ने किसी पर विश्वास किया था। मुझे जानकारी मिली, बुकी ने मुझसे पहले इस जानकारी को स्वीकार किया। वह सबूत देना चाहता था, लेकिन अंतिम समय में उसने ऐसा नहीं करने का फैसला किया।'
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9 खिलाड़ियों पर लगे थे फिक्सिंग के आरोप

demo pic - फोटो : अमर उजाला
मिश्रा ने अपने विशेषाधिकार के बारे में बताया, 'मुझे पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन, गुरुनाथ मयप्पन, राज कुंद्रा और सुंदर रमन पर लगे आरोपों की जांच करनी थी। मेरे ख्याल से यह बहुत ही केंद्रित और इन चार पर ध्यान देने वाली बात थी। 9 खिलाड़ियों पर लगे आरोपों पर भी ध्यान देना था।'

मिश्रा ने कहा, '9 खिलाड़ियों के खिलाफ कई आरोप लगे थे, सिर्फ एक पर नहीं। हमने दोनों की जांच की। सिर्फ चार अधिकारियों के खिलाफ की गई जांच को सार्वजनिक किया गया। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएल भ्रष्टाचार मामले पर अपना फैसला दिया, जिसमें मिश्रा की खिलाड़ियों पर जांच भी कोर्ट में रहीं।'
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