सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई के निलंबित अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के 8 फरवरी को बोर्ड की कार्यकारी समिति की बैठक में भाग लेने पर निराशा जताई है।
देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा कि श्रीनिवासन को ऐसा नहीं करना चाहिए था। कोर्ट इसे हितों का टकराव मानता है। उसने श्रीनिवासन के वकील कपिल सिब्बल से कहा है कि शुक्रवार यानी 27 फरवरी को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
श्रीनिवासन फिर से बीसीसीआई के अध्यक्ष पद वापसी करना चाहते हैं। 22 जनवरी को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ कर दिया था कि अगर वह फिर से बीसीसीआई के चुनाव में भाग लेना चाहते हैं तो उन्हें अपने व्यवसायिक हित खत्म करने होंगे।
उनके उस बैठक में शामिल होने के बाद बिहार क्रिकेट संघ के सचिव आदित्य वर्मा ने श्रीनिवासन को एक बार फिर घेरने की योजना बनाई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की मानें तो वह बीसीसीआई की कार्यकारी समिति की बैठक में शामिल नहीं हो सकते थे, लेकिन वह तमिलनाडु क्रिकेट संघ (टीसीए) के अध्यक्ष की हैसियत से बैठक में पहुंचे।
वर्मा ने दावा किया था कि वह ऐसा नहीं कर सकते हैं। वह उनके खिलाफ अवमानना का मामला अगले सप्ताह कोर्ट में दाखिल करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि 9 दिसंबर की सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में अदालत के आदेश के बावजूद श्रीनिवासन का कार्यकारी समिति की बैठक में शामिल होने का मामला उठा था।
अदालत के साफ आदेश थे कि वह बोर्ड की बैठकों में शामिल नहीं हो सकते हैं। जब इस बारे में अदालत ने उनसे पूछा तो उन्हें इसके लिए अदालत से माफी मांगनी पड़ी थी। उन्होंने इस तरह की गलती दोबारा नहीं दोहराए जाने की बात भी कही थी। बावजूद इसके वह फिर बैठक में शामिल हुए हैं।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की उस बैठक में यह तय किया गया कि बहुप्रतीक्षित वार्षिक आम बैठक (एजीएम) 2 मार्च को सुबह साढ़े 9 बजे चन्नई में होगी। दिल्ली में लिए गए फैसले के दौरान कार्यकारी समिति की बैठक में एन श्रीनिवासन ने तमिलनाडु क्रिकेट संघ (टीएनसीए) के अध्यक्ष के रूप में भाग लिया।
समिति ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर चर्चा की और कानूनी सलाह के अनुसार काम करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही पूर्व क्रिकेटरों के लिए मासिक मानद राशि 50 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला किया। यह अधिकतम 50 हजार रुपये होगी और इस साल जनवरी से प्रभावी मानी जाएगी। बीसीसीआई की कार्यकारिणी की यह आपात बैठक सुप्रीम कोर्ट के 22 जनवरी के फैसले को देखते हुए बुलाई गई थी। न्यायालय ने अपने फैसले में साफ किया था कि बीसीसीआई को छह सप्ताह के अंदर अपनी एजीएम बुलानी होगी और चुनाव कराने होंगे।
नई कंपनी के हवाले होगी सीएसके
कार्यकारी समिति की बैठक में श्रीनिवासन ने बीसीसीआई के सदस्यों को सूचित किया कि चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) को नई कंपनी के सुपुर्द किया जा रहा है।
बंबई शेयर बाजार को दी सूचना में इंडिया सीमेंट्स ने कहा कि उसने सीएसके फ्रेंचाइजी को चेन्नई सुपर किंग्स क्रिकेट लि. को हस्तांतरित करने के लिए जरूरी कागजी कार्यवाही पूरी कर ली है।