आतंकी हमले की चेतावनी के बीच मंगलवार को श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पाकिस्तान के दौरे पर रवाना हो गई। अपने सीनियर खिलाड़ियों के मना करने के बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने नए और युवा खिलाड़ियों की टीम भेजने का फैसला किया है। साल 2009 में पाकिस्तान दौरे पर गई श्रीलंकाई टीम की बस पर आतंकी हमला हुआ था। उसके बाद से कोई भी टीम पाकिस्तान जाने से मना करती रही है।
इस हमले के बाद पिछले दस वर्षों में किसी भी दक्षिण एशियाई देश ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है। यही कारण है कि पाकिस्तान की टीम पिछले एक दशक से अपने सभी घरेलू मैच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में खेल रही है।
हालांकि साल 2017 में श्रीलंका की टीम ने लाहौर में एक टी-20 मैच खेला थे लेकिन उनके अलावा किसी और टीम ने पाकिस्तान जाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब एक बार फिर से पाकिस्तान द्वारा पुख्ता सुरक्षा मुहैया करवाने के वादे पर श्रीलंका बोर्ड ने दोबारा से टीम भेजने का फैसला किया है।
बता दें कि लसिथ मलिंगा और एंजेलो मैथ्यूज सहित श्रीलंका के 10 सीनियर खिलाड़ियों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए पहले ही पाकिस्तान का दौरा करने से इंकार कर दिया था।
पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच तीन वन-डे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी। सारे मैच लाहौर और कराची में खेले जाएंगे।
वहीं पाकिस्तान रवाना होने से पहले कप्तान शनाका ने मंगलवार को कहा, ‘मैं वहां पहले भी जा चुका हूं। हमारे लिए वहां जो सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई गई है उससे मैं खुश हूं। मैं पाकिस्तान में अपनी टीम की अगुवाई करने को लेकर खुश हूं। उम्मीद करता हूं कि हम मजबूत मेजबान टीम को कड़ी टक्कर देने में सफल होंगे।’