कुछ दिनों पहले श्रीलंका को 1996 में विश्वचैंपियन बनाने वाले कप्तान अर्जुन रणतुंगा ने आरोप लगाया था कि 2011 में खेले गए विश्वकप में भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया फाइनल मैच फिक्स था। श्रीलंका सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। फाइनल के दौरान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में बतौर कॉमेंटेटर मौजूद रहे रणतुंगा ने कहा था, उस दिन के श्रीलंकाई टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठते हैं और इसकी जांच होनी चाहिए।
बुधवार को श्रीलंका के खेल मंत्री दयासिरी श्रीशेखर ने कहा, हमारे पास लिखित शिकायत आने दीजिए, मैं जांच का आदेश देने को तैयार हूं। उनके इस बयान के कुछ घंटे बाद ही मैच मैच फिक्सिंग के आरोप के जांच के आदेश दे दिए गए।
फाइनल मुकाबले में श्रीलंका ने महेला जयवर्धने के शानदार शतक की बदौलत टीम इंडिया के सामने जीत के लिए 275 रन का लक्ष्य रखा था। श्रीलंका के तत्कालीन खेस मंत्री अलुथगामगे ने मंगलवार को स्थानीय टीवी से कहा मैच के दौरान वह स्टेडियम में मौजूद थे। उन्होंने कहा, इसके बाद मैनेजर रिपोर्ट में दावा किया गया था कि एक सीनियर खिलाड़ी ने मैच के दौरान ड्रेसिंग रूप में 50 से अधिक सिगरेट पी थी। इसके बाद तत्कालीन कप्तान कुमार संगाकारा ने बिना कोई कारण बताए मैच के बाद इस्तीफा देने की पेशकश की थी। उन्होंने कहा कि मैच से जुड़ी इस तरह की कई संदेहास्पद घटनाएं थीं जिसके बारे में उन्होंने तत्कालीन क्रिकेट प्रबंधन समिति को जांच करने को कहा था।