साल 2017 श्रीलंकाई क्रिकेट टीम के लिए बुरे सपने की तरह साबित हो रहा है। एक तरफ टीम को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ खिलाड़ी लगातार चोट से जूझ रहे हैं। इससे टीम को दोहरा नुकसान हो रहा है और टीम को बुरे दौर से उबरने में परेशानी हो रही है।
इसके अलावा एक और वजह श्रीलंका की लगातार हार का कारण बन रही है। श्रीलंकाई टीम ने साल 2017 में रिकॉर्ड संख्या में कैच छोड़े हैं। उनका फील्डिंग विभाग लचर नजर आया है। क्रिकेट की बहुचर्चित कहावत "कैचेज विन मैचेज' उनपर सटीक साबित हो रही है। कैच छोड़ने की वजह से 70 प्रतिशत मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है।
श्रीलंकाई टीम के हालिया आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2017 में उनके लिए तीनों फॉर्मेट में खेलने वाले 26 खिलाड़ियों ने कुल 65 कैच छोड़े हैं। फील्डिंग में लंकाई शेरों ने सबसे खराब प्रदर्शन किया था। पाकिस्तान के खिलाफ मैच में थिसारा परेरा और सिकुगे प्रसन्ना ने मलिंगा की गेंदों पर तीन कैच छोड़े थे। इन्हीं कैच की वजह से श्रीलंका को हारकर टीम से बाहर का रास्ता देखना पड़ा था।
कैचों की वजह ही भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उन्हें 3-0 से हार का मुंह देखना पड़ा। पहले टेस्ट में शिखर धवन का कैच लेने के प्रयास में असेला गुणारत्ने अपना अंगूठा तुड़वा बैठे और वो कैच भी छूट गया। श्रीलंका के स्टार फील्डर धनुष्का गुणाथिलका ने स्लिप में कई कैच छोड़े। नतीजतन श्रीलंका सीरीज में एक भी मैच नहीं जीत पाई। इसके बाद उस वनडे सीरीज में भी 5-0 से हार का सामना करना पड़ा है।
सबसे ज्यादा कैच छोड़ने वाले श्रीलंकाई फील्डर
दिनेश चांदीमल 5
उपुल थरंगा 5
दिलशान मनुवीरा 4
निरोशन डिकवेला 4
असेला गुणारत्ने 4
लसिथ मलिंगा 4
धनुष्का गुणाथिलका 4