‘पापा घर में ही शौचालय बनवा दो। खुले में शौच के लिए कैसे जाऊं? कभी बरसात तो कभी छींटाकशी तो कभी अज्ञात भय, कब तक सहूं? अब तो मान जाओ’। शिक्षक दिवस पर पांच सितंबर को जिले के हर प्राथमिक और जूनियर स्कूलों की हर बालिका अपने पिता से करेगी यह पुकार, उठाएगी सवाल और मांगेगी एक अदद शौचालय।
ओडीएफ की धार तेज करने को जिला पंचायत राज विभाग ने अभिभावकों को इस बुराई के प्रति जागरूक करने के लिए ऐसी ही योजना बनाई है। शीर्षक रखा गया है ‘बच्चों की शौचालय की जिद’।
जिला पंचायत राज अधिकारी पारुल सिसौदिया ने बताया कि शिक्षक दिवस पर पांच सितंबर को कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को खुले में शौच जैसी बुराई के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक की बच्चियां अपने अभिभावकों को इस बुराई के चलते होने वाली दिक्कत, जिल्लत एवं अन्य समस्याओं को बयां करते हुए मार्मिक पत्र लिखेंगी।
अपील करेंगी कि अब तो अपनी हठ छोड़ दो और घर में शौचालय बनवा दो। यही नहीं, इस अवसर पर चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए बीएसए को पत्र भेजकर व्यवस्था में सहयोग मांगा गया है तो एडीओ व डीपीसी आदि को नोडल बनाकर विद्यालयवार जिम्मेदारी सौंप दी है।