ऑफ स्पिनर ने अपने करियर की शुरुआत हरियाणा से की। उन्होंने दिल्ली के क्रिकेट क्लब में अपनी पहचान बनाई और आईपीएल में उन्हें राजस्थान रॉयल्स ने अपने साथ जोड़ा। चंदीला का प्रथम श्रेणी क्रिकेट बहुत छोटा है। उन्होंने हरियाणा के लिए सिर्फ दो रणजी मैच खेले हैं। जब वह आईपीएल में खेले तो दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से 2011 में उनका प्रदर्शन फीका रहा। अगले सीजन यानी 2012 में हैट्रिक लेकर वह सुर्खियों में आए।
2013 स्पॉट फिक्सिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद चंदीला दिल्ली पुलिस सेल के 6,000 पन्नों की चार्टशीट में दिखते रहे। चार्जशीट में कई टेलिफोन की बातचीत रिकॉर्ड में आई। जांच में पता चला कि चंदीला कथित तौर पर बुकी और अन्य खिलाड़ियों से फिक्सिंग के बारे में बातचीत कर रहे हैं।
स्पॉट फिक्सिंग मामले में शामिल होने की वजह से तीनों क्रिकेटरों पर मकोका लगाई गई। पुलिस ने दावा किया कि इस पूरे मामले में दाऊद इब्राहिम की गैंग शामिल है। हालांकि, चंदीला को दिल्ली कोर्ट से राहत मिली और उन पर से मकोका हटाई गई।
2016 में बीसीसीआई ने क्रिकेटर को भ्रष्टाचार के आरोप में दोषी पाया और आजीवन प्रतिबंध लगाया।
बीसीसीआई ने अपने बयान में कहा, चंदीला को आर्टिकल 2.1.1 के भीतर कदाचार और भ्रष्टाचार का दोषी माना जाता है; अनुच्छेद 2.1.2; अनुच्छेद 2.1.3; अनुच्छेद 2.1.4; अनुच्छेद 2.2.2; अनुच्छेद 2.2.3; बीसीसीआई एंटी करप्शन कोड का अनुच्छेद 2.4.1 और बोर्ड या उसके सहयोगियों की गतिविधियों के साथ किसी भी रूप में क्रिकेट खेलने या उसका प्रतिनिधित्व करने पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मुंबई क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर पहचान बनाने वाले अंकित चव्हाण को रणजी ट्रॉफी से सुर्खियां मिलने लगी थीं। उन्होंने पंजाब के खिलाफ 9/23 लाजवाब गेंदबाजी स्पेल किया था। चव्हाण के लिए स्पॉट फिक्सिंग के आरोप बहुत बुरे समय पर आए। कुछ ही समय बाद उनकी शादी होनी थी।
कोर्ट से जमानत कराने के बाद चव्हाण ने शादी की, लेकिन मुंबई टीम के उनके अधिकांश दोस्त इस समारोह का हिस्सा नहीं बने।
सितंबर 2013 में बीसीसीआई ने चव्हाण पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया। क्रिकेटर के खिलाफ सभी आरोप हटाने के बावजूद बीसीसीआई ने प्रतिबंध खत्म करने से इंकार कर दिया।