उपनिवेशवाद और रंगभेद से काफी समय तक संघर्ष करने वाले दक्षिण अफ्रीका में पहले की तुलना में स्थिति काफी बेहतर है। हालांकि क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के निदेशक ग्रीम स्मिथ ने कहा कि उनका बोर्ड अगले कुछ दिनों में यह पता लगाएगा कि वे अपने देश में ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ में कैसे प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।
सीएसए की नीति के अनुसार दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम में अश्वेत क्रिकेटरों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व है, लेकिन 1970 में देश को अलग थलग किए जाने से पहले परिस्थितियां भिन्न थीं. तब टीमों में केवल श्वेत खिलाड़ियों को ही जगह दी जाती थी। इसे देखते हुए यह अभियान अधिक महत्वपूर्ण बन जाता है।
तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के क्रिकेटरों की तरह ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ अभियान का समर्थन करेंगे। इन देशों के क्रिकेटरों ने वर्तमान टेस्ट श्रृंखला में अपनी कॉलर पर बीएलएम का लोगो लगाया है और उन्होंने पहले टेस्ट मैच के दौरान घुटने के बल बैठकर इस अभियान के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
सीएसए के क्रिकेट निदेशक ग्रीम स्मिथ ने कहा, ‘हम दुनिया भर में क्या चल रहा है और सीएसए में अपनी भूमिका को लेकर अच्छी तरह से वाकिफ हैं।'
उन्होंने कहा, ‘लुंगी ने इसका बहुत अच्छा जवाब दिया जब उन्होंने कहा कि हम अपनी दुनिया में जीते हैं और मुझे लगता है कि यह महत्वपूर्ण है कि भविष्य में हम एकजुट होकर यह पता लगाएं कि हम ब्लैक लाइव्स मैटर अभियान में अपनी भूमिका कैसे निभा सकते हैं और इसमें हम कैसे प्रभावी हो सकते हैं।'
स्मिथ ने कहा, ‘इन चीजों को लेकर मेरा विश्वास है कि इसको लेकर सभी की राय जानना महत्वपूर्ण है। प्रत्येक टीम के माहौल और सीएसए के तौर पर हम इसे कैसे आगे बढ़ाते हैं इस पर चर्चा करना महत्वपूर्ण है।'
उन्होंने कहा, ‘हम मंडेला दिवस (18 जुलाई) पर 3 टीसी मैच खेलेंगे जहां हम चैरिटी के लिए काफी काम कर रहे हैं और यह बीएलएम अभियान में हमारा पहला मौका होगा। लेकिन जहां तक पुरुष और महिला टीमों का सवाल है तो इस पर चर्चा करना जरूरी है।'