गांगुली के मुताबिक
सुनील गावस्कर ने उनसे कहा था, 'ग्रेग चैपल को कोच बनाने से पहले एक बार फिर सोच लो। हमारे पास ग्रेग चैपल के भाई इयान चैपल के रूप में भी एक बेहतर विकल्प मौजूद है। वैसे भी ग्रेग चैपल का कोचिंग एक्सपीरियंस बहुत ज्यादा प्रभावशाली नहीं रहा है। उनके साथ मिलकर टीम का नेतृत्व करने में तुम्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।'
अपनी किताब में ग्रेग चैपल की आलोचना करते हुए गांगुली ने लिखा कि 2005 में ग्रेग चैपल को कोच बनाना उनकी जिंदगी का सबसे अशांत अध्याय है। उन्होंने बताया कि ग्रेग चैपल को कोच बनाने के बाद न सिर्फ उनकी कप्तानी छिन गई बल्कि प्लेइंग इलेवन से भी धीरे-धीरे उनका पत्ता साफ होने लगा।