भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने वनडे विश्व कप में विजयी आगाज करते हुए पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी। मिताली राज की अगुआई में टीम इंडिया ने रविवार को पाकिस्तान को 107 रनों से हराया और टूर्नामेंट की अपनी पहली जीत दर्ज की। टीम इंडिया के लिए हालांकि यह जीत आसान नहीं थी और एक समय भारतीय बैटर पाकिस्तानी गेंदबाजों के आगे संघर्ष कर रही थीं। लेकिन इसके बाद स्नेह राणा और पूजा वस्त्रकार ने मिलकर कमाल कर दिया।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने वनडे विश्व कप में विजयी आगाज करते हुए पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी। मिताली राज की अगुआई में टीम इंडिया ने रविवार को पाकिस्तान को 107 रनों से हराया और टूर्नामेंट की अपनी पहली जीत दर्ज की। टीम इंडिया के लिए हालांकि यह जीत आसान नहीं थी और एक समय भारतीय बैटर पाकिस्तानी गेंदबाजों के आगे संघर्ष कर रही थीं। लेकिन इसके बाद स्नेह राणा और पूजा वस्त्रकार ने मिलकर कमाल कर दिया।
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पाकिस्तान के खिलाफ रचा इतिहास
स्नेह ने इस मैच में अपने ऑलराउंड खेल से टीम की जीत में अहम योगदान दिया। उन्होंने अर्धशतकीय पारी खेलने के बाद दो विकेट भी चटकाए। 28 वर्षीय स्नेह राणा का यह पहला विश्व कप है और उन्होंने अपने पहले ही मैच में सभी को प्रभावित किया। भारतीय ऑलराउंडर ने सबसे पहले सातवें विकेट के लिए पूजा के साथ मिलकर 96 गेंदों में 122 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की और इसके बाद 48 गेंदों में 53 रन बनाकर नाबाद रहीं। उन्होंने बाद में गेंदबाजी में भी 9 ओवर में 27 रन देकर दो विकेट लिए।
उतार-चढ़ाव भरा रहा करिअर
स्नेह राणा भले ही आज टीम का अहम हिस्सा हैं लेकिन उत्तराखंड के देहरादून की रहने वाली इस बेटी का करियर और जिंदगी उतार-चढाव से भरी रही है। स्नेह ने साल 2014 में भारत की तरफ से वनडे में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था, लेकिन कुछ समय बाद ही वह चोटिल होकर टीम से बाहर हो गईं। उन्होंने सीमित ओवरों की क्रिकेट में करीब 8 साल पहले खेलना शुरू किया था। लेकिन साल 2016 के बाद उन्हे टीम से बाहर कर दिया गया। भारतीय टीम से बाहर होने से पहले राणा ने सिर्फ सात मैच खेले थे। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और टीम इंडिया में मेहनत और प्रदर्शन के दम पर जोरदार वापसी की।
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टेस्ट टीम में चयन के दो महीने पहले हुआ था पिता का देहांत
उन्हें जून 2021 में इंग्लैंड दौरे के लिए भारत की टेस्ट और वनडे टीम में चुना गया। इसके बाद उन्होंने 16 जून 2021 को ब्रिस्टल में खेले जाने वाले टेस्ट मैच की पूर्व संध्या पर टीम की राष्ट्रीय जर्सी के साथ अपने पिता को याद करते हुए लिखा था कि काश! आप यह देखने और इस पल को जीने के लिए यहां होते। गौरतलब है कि इंग्लैंड दौरे के लिए टीम घोषित होने से दो महीने पहले उनके पिता का देहांत हो गया था। स्नेह ने कहा था कि भारत के लिए टेस्ट डेब्यू करना उनके लिए भावात्मक क्षण था, क्योंकि उनके पिता उन्हें भारत के लिए फिर से खेलते हुए देखना चाहते थे।
इंग्लैंड में रचा था इतिहास
राणा ने राष्ट्रीय टीम में वापसी के बाद टेस्ट डेब्यू में अपने ऑलराउंड खेल से सभी को चौंकाया था और हारे हुए मैच में टीम की वापसी कराते हुए उसे ड्रॉ कराया था। उन्होंने तब आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 80 रन की नाबाद पारी खेली थी और नौवें विकेट के लिए तानिया भाटिया के साथ मिलकर 144 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की थी। इसके अलावा उन्होंने मैच की पहली पारी में चार विकेट भी झटके थे।