विकेटकीपर मैथ्यू वेड का मानना है कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों ने भारत के खिलाफ पहले दो टेस्ट में ‘कमजोरों’ की तरह बर्ताव किया, जबकि उन्हें अधिक आक्रामक होने की जरूरत है।
वेड ने कहा, ‘हम पर आक्रमण करना आसान हो गया, क्योंकि हम कमजोरों की तरह पेश आए। हमें और आक्रामक होना होगा ताकि गेंदबाजों पर दबाव बनाया जा सके। यदि भारतीय गेंदबाज लय में आ गए तो हम मैच में वापसी नहीं कर सकेंगे। हमें और आक्रामक होना ही होगा।’
पहले दो टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम पूरी तरह से उन्नीस साबित हुई और साफ नजर आया कि वे किस हद तक कप्तान माइकल क्लार्क पर निर्भर हैं। वेड ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया को बाकी दो टेस्ट में क्लार्क पर से दबाव हटाना होगा। तीसरा टेस्ट मोहाली में 14 मार्च से खेला जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘माइकल ने हमारे लिए काफी रन बनाए हैं। जब मैं दूसरे टेस्ट में आउट हुआ तो मुझे काफी निराशा हुई। हमने करीब 150 रन जोड़ लिए थे और हम अच्छा खेल रहे थे। मैं उसका साथ दे पाता तो अच्छा होता। हमें उसका साथ देकर उस पर से दबाव हटाना होगा। मुझे यकीन है कि वह रन बनाता रहेगा।’