भारत-पाकिस्तान सीरीज में अभी समय है। मगर इन दो प्रतिद्वंद्वी देशों के धुरंधरों के बीच मुकाबला अभी से ही छिड़ चुका है। दर्शक भी हमेशा की तरह दो देशों के बीच होने वाली इस प्रतिस्पर्धा का मजा ले रहे हैं। मगर यह प्रतिस्पर्धा मैदान में नहीं बल्कि मैदान के बाहर कमेंट्री बॉक्स में छिड़ी हुई है।
भारत-इंग्लैंड सीरीज के दौरान स्टार क्रिकेट के हिंदी कमेंट्री बॉक्स में दोनों ओर से शब्दों के बाण छोड़े जा रहे हैं। हालांकि यह मुकाबला दोस्ताना है। एक तरफ हैं अपने शैरी पाजी यानि नवजोत सिंह सिद्धू के मुहावरे, तो दूसरी ओर है कि पाक के पूर्व क्रिकेटर रमीज राजा की नफासत भरी उर्दू। यह मुकाबला न सिर्फ हिंदी और उर्दू पसंद करने वाले लोगों को भा रहा है बल्कि क्रिकेट प्रेमी भी इसका भरपूर लुत्फ उठा रहे हैं।
रमीज जहां अपनी उर्दू से कपिल, अरुण लाल, सौरव गांगुली जैसे कमेंटेटरों को चकराने में लगे हैं, वहीं सिद्धू अपनी शुद्ध हिंदी की गुगली में उन्हें फंसा रहे हैं। नवजोत सिद्धू को भी इस रोचक मुकाबले में बेहद मजा आ रहा है। उनका कहना है कि वह इस मुकाबले में रमीज से हार नहीं मानने वाले हैं। रमीज के मसला, दुश्वारी जैसे उर्दू शब्दों का वह ‘चूहों के चमड़े से नगाड़े नहीं मढ़े जाते’ जैसे अनगिनत जुमलों से जवाब दे रहे हैं।
सिर्फ यह जोड़ी ही नहीं हिंदी कमेंटेटर बने बाकी धुरंधर क्रिकेटरों में भी आगे निकलने की होड़ है। सिद्धू ने अमर उजाला से खुलासा किया कि सभी में हिंदी कमेंटरी को लेकर प्रतिस्पर्धा की भावना है। सभी ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया है। हिंदी कमेंट्री को मिली शुरुआती सफलता से भी कमेंटेटर बेहद उत्साहित हैं।
सिद्धू का कहना है कि इस देश में 85 प्रतिशत हिंदी समझते हैं। यही कारण है कि उन्हें पहले दिन से भरोसा था कि यह प्रयोग बेहद सफल रहेगा। इस कमेंट्री को सफल बनाने में इन धुरंधरों के व्यक्तिगत प्रसंगों और रोचक अनुभवों के वर्णन ने भी मुख्य भूमिका अदा की है। उन्हें अपने अनुभवों को जनता से बांटने में बेहद मजा आ रहा है। इससे एक बार उन पुराने दिनों को याद करने का मौका भी मिल रहा है।
2 लाख लोग जुड़े फेसबुक पर
ईएसपीएन-स्टार स्पोर्ट्स ने अपने चैनल स्टार क्रिकेट पर भारत-इंग्लैंड सीरीज को हिंदी कमेंट्री के साथ प्रसारण किया है। पहले दो टेस्ट मैचों में इसे लोगों ने काफी पसंद किया है। ईएसपीएन-स्टार प्रवक्ता के मुताबिक दो टेस्ट मैचों के बाद स्टार क्रिकेट फेसबुक से तकरीबन दो लाख लोग जुड़ चुके हैं। इनकी संख्या में दिन प्रति दिन बढ़ोतरी हो रही है। चैनल ने हिंदी कमेंट्री को एक प्रयोग के तौर शुरू किया था, जोकि काफी सफल रहा।