पृथ्वी शॉ जितनी तेजी से उभरे थे, उतनी ही तेजी से हाशिये पर भी चले गए, लेकिन श्रेयस अय्यर का मानना है कि अनुशासित होने पर मुंबई का यह बल्लेबाज बुलंदियों अभी भी बुलंदियों को छू सकता है। शॉ ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अपनी प्रतिभा की झलक पेश की और नौ मैचों में 197 रन बनाए, लेकिन इसमें एक भी अर्धशतक शामिल नहीं है। मुंबई ने श्रेयस की कप्तानी में दूसरी बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का खिताब जीता। इससे पहले टीम ने अजिंक्य रहाणे के नेतृत्व में 2022/23 में खिताब पर कब्जा जमाया था।
'पृथ्वी के पास काफी प्रतिभा है'
मध्यप्रदेश को फाइनल में पांच विकेट से हराने के बाद श्रेयस ने कहा, 'मुझे लगता है कि वह कुदरती प्रतिभावान खिलाड़ी हैं। उनके पास इतनी प्रतिभा है जो किसी के पास नहीं। उन्हें बस अनुशासन पर काम करना होगा। ऐसा करने पर वह बुलंदियों को छू सकते हैं।'
'करियर को ढर्रे पर लाने की इच्छा शॉ के अंदर होनी चाहिए'
उन्होंने हालांकि कहा कि अपने करियर को ढर्रे पर लाने की इच्छा शॉ के भीतर खुद होनी चाहिए। श्रेयस ने कहा, 'वह कोई बच्चा नहीं हैं। उन्होंने इतना क्रिकेट खेला है। सभी उन्हें सलाह देते हैं। आखिर में यह उन्हें तलाशना होगा कि उनके लिए क्या सही है। वह पहले भी ऐसा कर चुके हैं। उन्हें फोकस रखना होगा और सोचना होगा। उन्हें जवाब खुद मिल जाएगा। कोई उन पर कुछ करने के लिए दबाव नहीं बना सकता।'
श्रेयस ने रहाणे की भी तारीफ की
श्रेयस ने खिताबी जीत में अजिंक्य रहाणे के योगदान की सराहना करते हुए कहा, 'वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो टीम के लिए 110 प्रतिशत देने को तैयार रहता है। उन्होंने चौथे नंबर से शुरूआत की और सूर्या के आने पर अपनी जगह छोड़ दी। फिर उन्होंने पारी की शुरूआत की। जिस तरह से मैच दर मैच उनका रवैया रहा, उन्हें सलाम है।' रहाणे ने 165 की स्ट्राइक रेट से सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 469 रन बनाए।
SMAT फाइनल में क्या हुआ?
सैयद मुश्तिाक अली ट्रॉफी के फाइनल की बात करें तो बंगलूरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में मुंबई ने टॉस जीतकर मध्य प्रदेश को बल्लेबाजी का न्योता दिया। रजत पाटीदार की अर्धशतकीय पारी की बदौलत टीम ने 20 ओवर में आठ विकेट पर 174 रन बनाए। जवाब में मुंबई ने सूर्यकुमार यादव की 48 रनों की जबरदस्त पारी की बदौलत 17.5 ओवर में पांच विकेट पर 180 रन बनाए और मैच अपने नाम कर लिया।