हफीज ने कहा कि उन्होंने पहले ही मलिक से रिटायरमेंट ले लेने के लिए कहा था, क्योंकि उन्हें पता था वर्ल्ड कप टीम में उन्हें जगह नहीं दी जाएगी और न ही उनका सम्मान किया जाएगा। एक इंटरव्यू के दौरान हफीज ने कहा- मलिका ने पाकिस्तान के लिए 21 से 22 साल बेहतरीन क्रिकेट खेली। इतने समय तक अपनी फिटनेस बनाए रखना शानदार है।
हफीज ने कहा- जब मैंने संन्यास लिया, तो मैंने मलिक से कहा था कि वह भी रिटायरमेंट ले लें, क्योंकि मुझे पता था कि उनका सम्मान नहीं किया जाएगा। मेरे साथ भी ऐसा हो चुका है। मेरा मानना है कि वह एक बार और वर्ल्ड कप खेलने चाहते थे, लेकिन क्रिकेट एक क्रूर खेल है।
एशिया कप में श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में पाकिस्तान की हार के बाद मलिक ने ट्वीट कर अपनी टीम की आलोचना की थी। उन्होंने लिखा था- दोस्ती, पसंद और नापसंद पाकिस्तान टीम में काफी ज्यादा है। हफीज ने कहा- दुर्भाग्य से जब मलिक ने वनडे क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी, तब भी विदाई मैच नहीं दिया गया था। पाकिस्तान क्रिकेट के लिए उनकी सेवाओं को समझते हुए एक मैच दिया जाना चाहिए था। जब भी क्रिकेट से रिटायरमेंट की बात आती है तो हमारा मैनेजमेंट हमेशा से कमजोर रहा है।
हफीज ने कहा- अगर मलिक को विश्व कप में जदह दी गई होती तो टीम को एक वरिष्ठ खिलाड़ी मिलता। इस तरह की बात न करें कि मलिक कट और पुल शॉट्स नहीं खेल सकते। वह हर तरह के शॉट में सक्षम हैं। यह न भूलें कि उन्होंने 22 साल क्रिकेट खेला है और उन्हें इस तरह के शॉट्स नहीं आएंगे? हमें समझने की जरूरत है कि हमें उचित क्रिकेटरों की जरूरत है जिनके साथ हम विनिंग कॉम्बिनेशन बना सकते हैं चाहे खिलाड़ी 40 साल के हों या 20 के हों।
हफीज और शोएब मलिक