पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने दावा किया है कि अगर उन्हें अपने करियर के शुरुआती दौर में इमरान खान की कप्तानी में खेलने का मौका मिलता, तो वह टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट का आंकड़ा छू सकते थे। शोएब ने कहा कि इमरान की आक्रामक कप्तानी में उन्हें काफी कुछ सीखने को मिलता।
क्या बोले अख्तर?
जियो टीवी के एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान शोएब अख्तर ने कहा कि उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 400 से ज्यादा विकेट लिए हैं। उनका मानना है कि इमरान खान की कप्तानी में खेलने से उनके टेस्ट करियर को अलग दिशा मिल सकती थी। उन्होंने कहा, 'अगर मैंने इमरान खान की आक्रामक कप्तानी में पहले खेला होता, तो मैं उनसे बहुत कुछ सीखता और टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट ले चुका होता।'
46 टेस्ट में लिए 178 विकेट
- शोएब अख्तर ने 1997 से 2011 तक पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। उन्होंने 46 टेस्ट मैचों में 178 विकेट हासिल किए। इसके अलावा उन्होंने 163 वनडे मैचों में 247 विकेट और 15 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 21 विकेट लिए।
- अपने दौर के सबसे तेज और खतरनाक गेंदबाजों में शामिल शोएब ने 2011 विश्व कप के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। उनके संन्यास के समय कप्तान शाहिद अफरीदी थे और दोनों के बीच मतभेद की खबरें भी सामने आई थीं।
वसीम अकरम को डेब्यू के समय था संदेह
- शोएब अख्तर ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत अपने घरेलू शहर रावलपिंडी में वेस्टइंडीज के खिलाफ की थी। उस समय पाकिस्तान के कप्तान वसीम अकरम थे। बताया जाता है कि अकरम युवा तेज गेंदबाज को टेस्ट डेब्यू देने के समय को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे।
- हालांकि, बाद के वर्षों में दोनों तेज गेंदबाजों ने पाकिस्तान के लिए कई यादगार मुकाबलों में साथ गेंदबाजी की। 1999 में भारत दौरे और इंग्लैंड में खेले गए विश्व कप के दौरान दोनों की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया था। पाकिस्तान उस विश्व कप के फाइनल में पहुंचा था, जहां उसे ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार मिली थी।
चोटों से जूझते हुए बनाया करियर
- शोएब अख्तर ने अपने करियर के दौरान होने वाली शारीरिक परेशानियों और चोटों के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि फिट रहने और चोटों से उबरने के लिए उन्हें बेहद कठिन दिनचर्या का पालन करना पड़ता था।
- उन्होंने कहा, 'मुझे बाकी सभी लोगों से तीन घंटे पहले उठना पड़ता था। पहले साइकिल चलाता था और फिर जिम जाता था। मेरे घुटने जाम हो जाते थे। उनमें से पानी निकलवाना पड़ता था, दवा लगानी पड़ती थी और बर्फ से सिकाई करनी पड़ती थी।'
- शोएब ने बताया कि इसके बाद उन्हें मैच में गेंदबाजी भी करनी होती थी और मैच के बाद पूरी तरह ठीक होने में कई घंटे लग जाते थे।
- उन्होंने कहा, 'मैं कहीं जाता, मैच में गेंदबाजी करता और उसके बाद ठीक होने में मुझे पांच घंटे और लगते थे। यही मेरी जिंदगी थी।'