साथी खिलाड़ियों के बीच गब्बर और जट जी नाम से पुकारे जाने वाले शिखर धवन ने अपने पहले क्रिकेट टेस्ट में ही इतिहास रच दिया। टीम में वीरेंद्र सहवाग की जगह लेकर उन्हीं की स्टाइल में दनादन रन बनाकर साबित कर दिया कि दिल्ली को दूसरा वीरू मिल गया है।
शनिवार को मोहाली टेस्ट में शिखर धवन ने 85 गेंद पर सबसे तेज शतक बनाने का रिकॉर्ड बनाया है। टेस्ट क्रिकेट में लंबे इंतजार के बाद जब धवन को मौका मिला तो उन्होंने वीरू की स्टाइल में बैटिंग करके दादा सौरव गांगुली के अंदाज में शतक जड़ कर एंट्री की।
जिस समय शिखर धवन गेंद को बाउंड्री के पार भेज रहे थे, क्रिकेट एकेडमी के उनके साथी और कोच मदन शर्मा खुशी से उछल रहे थे। हालांकि 16 जून 2011 को आखिरी बार टीम इंडिया से खेलने के बाद मोहाली टेस्ट तक का इंतजार शिखर को कई बार निराश कर गया है।
2004 के अंडर-19 विश्व कप में उनके साथी सुरेश रैना और अन्य खिलाड़ी टीम में अपनी जगह बना चुके थे। शिखर को प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने के बाद भी मौका नहीं मिल रहा था।