लोढा समिति और बीसीसीआई के बीच चल रही खींचातानी के बीच आईसीसी के अध्यक्ष शशांक मनोहर ने लोढा समिति को लिखित रूप में कहा है कि बीसीसीआई सुप्रीमो अनुराग ठाकुर ने 7 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पत्र मांगा था।
इससे बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आईसीसी प्रमुख शशांक मनोहर ने कहा है कि 7 अगस्त को अनुराग ठाकुर ने आईसीसी से पत्र मांगा था कि क्या ईसीसी सीएजी (CAG) द्वारा नियुक्त ऑडिटर को सरकारी हस्तक्षेप मानता हैं या नहीं।
पहली बार यह मुद्दा आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेविड रिचर्डनस के बयान के बाद सुर्खियों में आया था। 12 सितंबर को रिचर्डसन ने इंडिया टुडे को इंटरव्यू दिया। रिचर्डसन ने आईसीसी से कहा कि वो बीसीसीआई को लिखित रूप में बताए कि लोढा समिति के सुझाव सरकारी हस्तक्षेप माने जा सकते हैं।
उस समय आईसीसी के अध्यक्ष ने कहा कि आईसीसी तब तक पत्र नहीं लिख सकता, जब तक बीसीसीआई या फिर कोई अन्य आईसीसी सदस्य पहल करके उनसे पत्र मांगे और हस्तक्षेप करने की मांग करे।