चेन्नई टेस्ट में टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की धुनाई होने से शेन वाटसन काफी दुखी हैं। वाटसन ने कहा कि धोनी की धुनाई ने मेरे अंदर का गेंदबाज जगा दिया है। उन्होंने कहा कि अब वे गेंदबाजी करने के लिए आतुर हैं।
ऑलराउंडर वाटसन को इंजरी से बचाने के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने उन्हें भारत दौरे में केवल विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर टीम में शामिल किया था ताकि जून में एशेज सीरीज में खेल के दोनों विभागों में उनकी सेवाएं ली जा सकें। लेकिन वाटसन से अब रहा नहीं जा रहा है। उन्होंने खुद स्वीकार किया कि धोनी जब ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की तबियत से धुनाई कर रहे थे तो उनके दिमाग में बार-बार गेंदबाजी करने का ख्याल आ रहा था। उनके लिए खुद को रोक पाना बहुत मुश्किल हो रहा था।
धोनी ने चेन्नई टेस्ट में 224 रन की अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलते हुए भारत को 8 विकेट से जीत दिलाई थी। इस जीत से भारत ने चार मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। दूसरा टेस्ट हैदराबाद में दो मार्च से शुरू होगा।
यह पूछने पर कि क्या वह चेन्नई में धोनी को गेंद डालना चाहिए थे? वाटसन ने कहा, 'बिल्कुल, मैं उन्हें आउट भी कर सकता था। इसमें कोई दो राय नहीं है। मैंने उनके खिलाफ कई बार गेंदबाजी की है। मेरे पास हर परिस्थिति में उनके खिलाफ गेंदबाजी करने का अनुभव है।'
उन्होंने कहा कि मुझे लग रहा था कि मैं गेंदबाजी करके मैच में कुछ प्रभाव डाल सकता था। अगर मैंने इस दौरे पर गेंदबाजी नहीं करने का फैसला नहीं किया होता तो मैच के अहम क्षणों में कुछ योगदान कर सकता था। 31 वर्षीय वाटसन का अप्रैल में होने वाली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में फिर से गेंदबाजी करने का कार्यक्रम है लेकिन अब इससे जल्दी गेंदबाजी में हाथ आजमाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में सीए के अधिकारियों से बात करेंगे।
उन्होंने कहा कि भारत दौरे पर गेंदबाजी करने का ख्याल मेरे मन में आया था लेकिन मुझे लगता है कि हमें अपने फैसले पर कायम रहना चाहिए। मुझे फिर से गेंदबाजी करने के लिए दो-तीन महीने का समय चाहिए।