दिल्ली कैपिटल्स के सहायक कोच बनने के बाद पूर्व ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर शेन वॉटसन ने धोनी और पंत की तुलना पर खुलकर बात की है। वॉटसन ने कहा है कि धोनी और पंत अलग तरह के खिलाड़ी हैं, दोनों के खेलने का अंदाज काफी अलग है। हालांकि, दोनों मैदान पर बहुत ही शांत और संयमित रहते हैं। उन्होंने ऋषभ की तारीफ करते हुए कहा कि वो समय के साथ और बेहतर होते चले जाएंगे। 24 साल के ऋषभ दिल्ली की टीम के कप्तान हैं और रोहित के बाद भारतीय टीम की कमान भी उन्हें सौंपी जा सकती है। वो तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं।
साल 2017 में भारतीय टीम के लिए पहला मैच खेलने वाले पंत ने पिछले पांच सालों में एक विकेटकीपर और बल्लेबाज के रूप में खुद को काफी बेहतर किया है। विस्फोटक बल्लेबाज के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले पंत ने टेस्ट में भी खुद को साबित किया है और कई ऐतिहासिक मैचों में टीम इंडिया की जीत में योगदान दिया है। अब माना जा रहा है कि पंत कप्तानी के मामले में भी धोनी की जगह ले सकते हैं।
समय के साथ बेहतर होंगे पंत
शेन वॉटसन ने कहा कि पंत समय के साथ बेहतर हुए हैं और आने वाले समय में और बेहतर खिलाड़ी बनकर उभरेंगे। वो अब एक कप्तान के रूप में अपने ऊपर काम कर सकते हैं। आईपीएल में उनके पास दो विश्व कप जीतने वाले कप्तान का साथ है। दिल्ली के मुख्य कोच रिकी पॉन्टिंग ऑस्ट्रेलिया को दो बार वनडे विश्व कप जिता चुके हैं। पंत की कप्तानी में दिल्ली की टीम 27 मार्च को मुंबई के खिलाफ ब्रेबॉन स्टेडियम में अपने अभियान की शुरुआत करेगी।
2021 में भी पंत ही टीम के कप्तान थे और दिल्ली की टीम लीग स्टेज के बाद अंकतालिका में पहले स्थान पर थी। हालांकि, प्लेऑफ के दोनों मैच हारने के बाद यह टीम फाइनल नहीं खेल पाई थी। वहीं 2020 में यह टीम श्रेयस अय्यर की कप्तानी में फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था।
धोनी और पंत अलग खिलाड़ी
वॉटसन ने कहा "मीडिया और आम लोग खिलाड़ियों की तुलना करते रहते हैं। लेकिन हर खिलाड़ी के पास अपनी क्षमता होती है। हम धोनी और पंत की तुलना कर सकते हैं, लेकिन दोनों बहुत ही अलग खिलाड़ी और इंसान हैं। दोनों के पास कमाल की क्षमता है। एक कप्तान के रूप में पंत शांत और संयमित हैं। इस मामले में वो धोनी के समान हैं।" वहीं वॉटसन ने कहा कि सभी को अपने हिसाब से दोनों खिलाड़ियों की तुलना नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा "अंत में ऋषभ जो कर सकते हैं वो यह है कि खुद को और बेहतर करें। लोग और मीडिया धोनी के साथ उनकी तुलना करते रहेंगे। लेकिन, ऋषभ और धोनी के लिए सिर्फ यह मायने रखता है कि वो खुद को और बेहतर कप्तान और खिलाड़ी बनाएं।"
24 साल की उम्र में पंत ने किया कमाल
सेन वॉटसन ने पंत की तारीफ करते हुए करते हुए कहा कि अब तक पंत की उपलब्धियां शानदार रही हैं। उन्होंने 24 साल की उम्र में जो कुछ हासिल किया है वह अविश्वसनीय है। कप्तानी के अलावा पंत ने एक क्रिकेटर के रूप में बहुत कुछ हासिल किया है। ऐसा लगता है कि वो लंबे समय से क्रिकेट खेल रहे हैं। आने वाले समय में वो अनुभव के साथ खुद को और बेहतर कर सकते हैं।