शेन वॉटसन बहुत चतुर क्षेत्ररक्षक माने जाते हैं लेकिन राजकोट में उनकी यह चतुराई काम न आई।
राजकोट में गुरुवार रात भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ट्वंटी-20 मैच खेला गया। टीम इंडिया को मेहमान टीम ने 202 रनों का विशाल लक्ष्य दिया था।
हालांकि बडे़ लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही और उसने 100 रन पर चार बड़े विकेट गंवा दिए थे।
ऐसे में टीम को युवराज सिंह और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से बड़ी आस थी। युवराज आठ महीने बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे थे। धोनी और युवराज क्रीज पर थे और 13 ओवर में टीम का स्कोर चार विकेट पर महज 115 रन था।
इसके बाद 14वां ओवर क्लिंट मकाय डाल रहे थे और वह पहले ही दो विकेट झटक चुके थे। उनकी लय को खराब करते हुए इस ओवर की दूसरी गेंद पर युवराज ने डीप मिडविकेट की ओर शानदार छक्का जड़ दिया।
अगली गेंद पर फिर युवराज ने लेग की दिशा में क्रॉस खेल दिया और गेंद सीमा रेखा के पार जा रही थी लेकिन बाउंड्री के पास खड़े शेन वॉटसन ने उसे आसानी से लपक लिया।
कैच लपकने के दौरान उन्हें लगा कि वह बाउंड्री के बाहर जा सकते हैं तो उन्होंने गेंद को मैदान के अंदर फेंक दिया फिर अंदर आकर कैच लपकने की कोशिश की।
लेकिन इस दौरान अंदर आने की कोशिश में वॉटसन का पैर रस्सी पर पड़ गया और यह कैच छक्के में तब्दील हो गया।
लगातार दो छक्के के बाद युवराज ने आगे धमाकेदार पारी जारी रखी और 35 गेंदों में आठ चौके और पांच छक्के के साथ 77 रनों की नाबाद पारी खेली। भारत ने यह मैच छह विकेट से जीत लिया।