सर्वकालिक महान लेग स्पिनर शेन वार्न का निधन शुक्रवार (चार मार्च) को हो गया। गेंद को शीशे पर भी घुमाने की क्षमता रखने वाले वॉर्न साल 2000 में 20वीं शताब्दी के पांच महानतम क्रिकेटर में शामिल हुए थे। 1993 में बॉल ऑफ द सेंचुरी फेंकने वाले वॉर्न तो इस दुनिया को छोड़कर चले गए, लेकिन उन्होंने कुछ ऐसे रिकॉर्ड क्रिकेट में बनाए जो आज भी कायम हैं।
वार्न ने भारत के खिलाफ सिडनी टेस्ट (1992) में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया, जिसमें वह 150 रन देकर सिर्फ एक विकेट ले सके थे। हालांकि, जैसे-जैसे उनका करियर आगे बढ़ा, उनकी गेंदों ने बल्लेबाजों को परेशान किया। वॉर्न 2006 में टेस्ट क्रिकेट में सबसे पहले 700 विकेट लेने वाले गेंदबाज बने थे। इसके अलावा उनके नाम बिना शतक के सर्वाधिक रनों का रिकॉर्ड भी दर्ज है। वॉर्न ने अपने टेस्ट करियर में 145 मैच खेले थे। इस दौरान 3154 रन बनाए थे। उनका उच्चतम स्कोर 99 रन था।
आइए जानते हैं वॉर्न की कुछ उपलब्धियों और रिकॉर्ड के बारे में:
- 16 साल से अधिक के करियर में वार्न ने 339 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 1,001 विकेट लिए। इनमें 38 बार पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट और 10 बार मैच में 10 या उससे ज्यादा विकेट शामिल हैं।
- वॉर्न के नाम बतौर लेग स्पिनर सबसे ज्यादा विकेट हैं। उनके नाम 708 टेस्ट विकेट हैं। वे टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में श्रीलंका के ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के बाद दूसरे नंबर पर हैं। मुरलीधरन ने 800 विकेट लिए थे।
- वॉर्न विश्व क्रिकेट के उन दो खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्होंने 1,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए हैं। दूसरे श्रीलंका के ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन हैं।
- वॉर्न 700 विकेट के आंकड़े को छूने वाले एकमात्र ऑस्ट्रेलियाई हैं।
- वॉर्न 700 के अलावा 600 टेस्ट विकेट लेने वाले भी पहले गेंदबाज थे। उन्होंने 2005 में इंग्लैंड के मार्कस ट्रेस्कोथिक को आउट कर यह उपलब्धि हासिल की थी।
- वॉर्न इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) जीतने वाले पहले कप्तान हैं। उन्होंने 2008 में राजस्थान रॉयल्स को अपनी कप्तानी में चैंपियन बनाया था। तब फाइनल में महेंद्र सिंह धोनी की टीम चेन्नई सुपरकिंग्स को हराया था।