विवाद की इस कड़ी में फिरकी के जादूगर कहे जाने वाले शेन वॉर्न भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने पहला टेस्ट मैच खत्म होने के बाद माइकल क्लार्क पर जुर्माना लगाने को गलत बताया। साथ ही कहा कि स्लेजिंग की शुरुआत इंग्लैंड की ओर से हुई थी।
वॉर्न ने कहा है कि जेम्स एंडरसन ने पहला टेस्ट मैच खेल रहे जॉर्ज बैली को पंच करने की धमकी दी थी जिससे नाराज ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान माइकल क्लार्क नाराज हो गए और उन्होंने इंग्लैंड के इस तेज गेंदबाज को अपशब्द कह दिया।
ब्रिसबेन में रिटर्न एशेज सीरीज के पहले मैच के अंतिम दिन बल्लेबाजी कर रहे एंडरसन को अपशब्द कहने के कारण क्लार्क पर मैच फीस का 20 फीसदी काट ली गई थी। क्लार्क की यह गाली स्टंप पर लगे माइक्रोफोन पर रिकॉर्ड हो गई थी।
कमेंट्री टीम के सदस्य वॉर्न ने सभी स्टंप माइक्रोफोन की रिकॉर्डिंग को सुनने के बाद ट्वीट किया कि एंडरसन ने पिच के बेहद करीब क्षेत्ररक्षण कर रहे बैली को हाथ दिखाकर पंच करने की धमकी दी थी।
वॉर्न ने ट्वीट करते हुए कहा कि वह सोचते हैं कि क्लार्क पर जुर्माना लगाना गलत है। उन जिम्मी एंडरसन के बारे में क्या जिन्होंने बैली को मारने को कहा था, जिसे सुना ही नहीं जा सका।
उन्होंने आगे ट्वीट करते हुए लिखा कि एंडरसन के बैली के चेहरे पर मारने की धमकी देने के बाद बतौर कप्तान क्लार्क ने पहला टेस्ट मैच खेल रहे बैली के लिए जो कुछ किया वह सही था।
वार्नर ने माना, ट्रॉट को दी थी गाली
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डेविड वार्नर ने माना है कि पहले एशेज टेस्ट के दौरान उन्होंने इंग्लिश बल्लेबाज जोनाथन ट्रॉट के खिलाफ अभद्र भाषा का उपयोग किया था।
हालांकि वार्नर ने साथ ही कहा कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना उनकी रणनीति का हिस्सा था ताकि इंग्लिश खिलाड़ियों को विचलित किया जा सके।
वार्नर ने कहा, "मैंने यह बयान किसी कारण से दिया था। यह एशेज सीरीज है और इसमें बयान कुछ ज्यादा तीखे हो जाते हैं।" सार्वजनिक तौर पर किसी खिलाड़ी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान को लेकर वार्नर पर आईसीसी कोई कार्रवाई कर सकता है।