भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर बांग्लादेश में हुए विवाद के बाद चर्चा में हैं। हरमनप्रीत ने बांग्लादेश के खिलाफ मैच में आउट दिए जाने के बाद गुस्से में स्टंप तोड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने अंपायरों की आलोचना की थी। हरमनप्रीत को ऐसा करना भारी पड़ गया और आईसीसी ने उन्हें दो मैचों के लिए प्रतिबंधित कर दिया। वह अब टीम इंडिया के अगले दो मैचों में शामिल नहीं हो पाएंगी। इसी बीच, हरमनप्रीत विवाद में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी की एंट्री हो गई है। अफरीदी ने इस पूरे वाकये पर अपनी राय रखी है।
अफरीदी ने हरमनप्रीत की हरकत पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस तरह के पल मैच को अलग स्तर पर लेकर जरूर जात हैं, लेकिन महिला क्रिकेट में यह देखने को आमतौर पर नहीं मिलता है। अफरीदी ने एक पाकिस्तानी टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि ऐसा सिर्फ भारत में ही नहीं है। हमने पहले भी ऐसी चीजें देखी हैं, लेकिन महिला क्रिकेट में ऐसा काफी कम हुआ है। इस बार यह काफी ज्यादा हो गया।
गुस्से को नियंत्रित करना चाहिए: अफरीदी
अफरीदी ने कहा कि यह आईसीसी के लिए एक बड़ा मैच था। आपको किसी अंपायर के फैसले पर गुस्सा आ सकता है, लेकिन उसे नियंत्रित करना चाहिए। इस तरह की हरकत सही नहीं है। सजा मिलने से भविष्य के लिए खिलाड़ियों के सामने एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत होगा।
हरमनप्रीत ने स्वीकार की गलती
आईसीसी ने दो अलग-अलग मामलों में हरमनप्रीत को दोषी पाया और उन पर दो मैच का बैन लगाया गया है। आईसीसी आचार संहिता के दो अलग-अलग उल्लंघनों के बाद उन्हें अगले दो अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए निलंबित कर दिया गया है। आईसीसी ने अपनी विज्ञप्ति में कहा कि हरमनप्रीत ने अपराध स्वीकार कर लिया है। आईसीसी ने कहा, "भारतीय कप्तान ने अपराध स्वीकार कर लिया और एमिरेट्स आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी के अख्तर अहमद द्वारा प्रस्तावित प्रतिबंधों पर सहमति व्यक्त की। परिणामस्वरूप, औपचारिक सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं थी और दंड तुरंत लागू किया गया।"