भारतीय टीम की सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा का बल्ला ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में नहीं चला था, लेकिन टीम प्रबंधन ने उन पर भरोसा कायम रखा और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फाइनल मुकाबले के लिए उन्हें प्लेइंग-11 में जगह दी। शेफाली ने भी इस भरोसे को बरकरार रखा और वह इस पर खरी उतरीं। शेफाली ने खिताबी मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया और अर्धशतक लगाने में सफल रहीं।
दक्षिण अफ्रीका ने जीता टॉस
बारिश की आंख मिचोली के कारण लगभग दो घंटे की देरी के बाद आखिरकार खिताबी मुकाबले का टॉस हुआ। दक्षिण अफ्रीका ने इसे जीतकर भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। दिलचस्प बात यह है कि दोनों कप्तानों ने अपने विनिंग कॉम्बिनेशन को नहीं छेड़ा है और फाइनल मैच में बिना किसी बदलाव के उतरीं।
मंधाना के साथ दिलाई मजबूत शुरुआत
शेफाली और मंधाना ने भारतीय टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई और पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की। दोनों ने चौकों की बरसात कर दी। शेफाली ने किसी गेंदबाज को नहीं बख्शा और अपने चिर परिचित अंदाज में नजर आईं। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 104 रन जोड़े। स्मृति मंधाना को क्लो ट्रायोन ने विकेटकीपर जाफ्ता के हाथों कैच कराकर इस साझेदारी को तोड़ा। वह 58 गेंद में आठ चौके की मदद से 45 रन बनाकर आउट हुईं। इसके तुरंत बाद शेफाली ने अर्धशतक जमाया।
प्रतिका की जगह टीम में मिला था मौका
शेफाली के लिए वनडे विश्व कप 2025 में खेलना किसी सपने से कम नहीं रहा। दरअसल, उन्हें प्रतिका रावल की जगह टीम में शामिल किया गया था। प्रतिका चोटिल होने के कारण विश्व कप से बाहर हो गई थीं जिसके बाद शेफाली को टीम में लिया गया। प्रतिका और मंधाना की जोड़ी काफी सफल रही थी, ऐसे में सेमीफाइनल से ठीक पहले प्रतिका का इस तरह बाहर होना भारत के लिए झटका माना जा रहा था। शेफाली को सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मौका दिया गया, लेकिन वह विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सकीं और पांच गेंदों पर 10 रन बनाकर आउट हुईं।
फाइनल में खेली वनडे करियर की अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी
शेफाली ने सेमीफाइनल की निराशा को पीछा छोड़ा और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फाइनल में अपने वनडे करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली। शेफाली शतक लगाने से चूक गईं, लेकिन उन्होंने टीम के लिए महत्वपूर्ण पारी खेली। शेफाली 28वें ओवर में 78 गेंद में 87 रन बनाकर आउट हुईं। उन्होंने अपनी पारी में सात चौके और दो छक्के लगाए। शेफाली का वनडे में यह सर्वोच्च स्कोर है।