पिछले साल घरेलू मैदान पर टीम इंडिया को 4-0 से रौंदकर टेस्ट का सरताज हासिल करने वाली इंग्लैंड टीम पूरी तैयारी के साथ भारत आ रही है, जबकि टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज बुरे दौर से गुजर रहे हैं। इंग्लैंड फिलहाल 117 रेटिंग के साथ टेस्ट में दूसरे नंबर पर है जबकि दक्षिण अफ्रीका 120 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर है।
ऐसे में अगर इंग्लैंड टीम भारतीय सरजमीं पर टेस्ट सीरीज बड़े अंतर से जीतती है तो वह फिर से टेस्ट में नंबर वन टीम बन जाएगी। ताज्जुब की बात तो यह है कि रनों के लिए तरस रहे वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, सचिन तेंदुलकर, सुरेश रैना, एमएस धोनी जैसे दिग्गज टेस्ट की तैयारी करने के बजाय लीग के टी20 मैचों को तवज्जो दे रहे हैं।
ओपनिंग जोड़ी बड़ा सिरदर्द
करीब एक दशक के दौरान वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर ओपनर के रूप में सबसे ज्यादा सफल रहे हैं। भारत को टेस्ट में नंबर बनाने में इन दोनों बल्लेबाजों का प्रदर्शन काफी मददगार साबित हुआ था। पिछले दो साल से यह सहवाग और गंभीर की जोड़ी लगातार फ्लॉप हो रही है। गंभीर पिछले लंबे समय से रनों के लिये तरस रहे हैं। बाएं हाथ का यह बल्लेबाज पिछले 22 टेस्ट मैचों से तिहरे अंक में नहीं पहुंचा है। गंभीर के साथी सलामी जोड़ीदार सहवाग की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। सहवाग ने टेस्ट मैचों में आखिरी शतक दो साल पहले लगाया था और उसके बाद 16 टेस्ट मैचों में वह शतक नहीं जड़ पाए हैं।
सचिन का बल्ला है खामोश
राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण के संन्यास लेने के बाद तेंदुलकर पर मध्यक्रम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है लेकिन शतकों का शतक पूरा करने वाले इस स्टार बल्लेबाज को भी रन बनाने के लिये जूझना पड़ रहा है। तेंदुलकर ने इंग्लैंड सीरीज तैयारियों के सिलसिले में रणजी ट्रॉफी मैच में खेलने का फैसला किया लेकिन पिछली पांच पारियों में केवल 30 रन बनाने से पता चलता है कि मास्टर ब्लास्टर अच्छे फॉर्म में नहीं चल रहे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन पारियों में भी वह 19, 17 और 27 रन ही बना पाए थे।
धोनी, रैना का भी रिकॉर्ड निराशाजनक
कप्तान धोनी को भी क्रिकेट के लंबे प्रारूप में बड़ी पारी खेले हुए लंबा समय बीत गया है और इंग्लैंड का सामना करने से पहले उनके बल्ले से भी सकारात्मक संकेत नहीं मिल रहे हैं। धोनी पिछली सात पारियों में केवल 142 रन बना पाए हैं। रैना ने अपने पदार्पण टेस्ट मैच में शतक जमाया था लेकिन इसके बाद अगले 16 टेस्ट मैच में उनके बल्ले से सैकड़ा नहीं निकला।