भारतीय टीम के अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा आगामी रणजी ट्रॉफी सीजन में खेलते नजर आएंगे। रणजी ट्रॉफी की शुरुआत अक्तूबर में होगी। वह पिछली बार भी इस टूर्नामेंट में खेले थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सौराष्ट्र क्रिकेट संघ (एससीए) ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि पुजारा ने रणजी ट्रॉफी में खेलने की इच्छा जाहिर की है। एससीए के एक सीनियर अधिकारी ने पुजारा के इस फैसले का स्वागत किया है।
'टीम के काम आएगा पुजारा का अनुभव'
एससीए के अधिकारी का कहना है कि पुजारा का अनुभव टीम के काम आएगा। इससे पहले अजिंक्य रहाणे ने सीजन की शुरुआत से पहले मुंबई टीम की कप्तानी छोड़ दी थी। उनका कहना है कि युवा खिलाड़ी को मौका देने के लिए यह जरूरी था। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह सभी प्रारूपों में घरेलू सत्र खेलने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। पुजारा और रहाणे दोनों ही टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ से बाहर हो गए हैं। पुजारा ने आखिरी बार जून 2023 में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, जबकि रहाणे ने आखिरी बार जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हिस्सा लिया था।
पिछले सीजन खेले सात मैच
जनवरी 2024 में तत्कालीन टेस्ट कप्तान रोहित शर्मा ने संकेत दिया कि टीम प्रबंधन रहाणे और पुजारा की अनुभवी जोड़ी से आगे बढ़कर सरफराज खान और ध्रुव जुरेल सहित युवा प्रतिभाओं की एक नई पीढ़ी को शामिल करने की ओर अग्रसर है। विराट कोहली और रोहित शर्मा के आईपीएल के बीच में ही टेस्ट से संन्यास लेने की घोषणा के बाद भी, भारत ने अपने अनुभवी खिलाड़ियों को वापस नहीं बुलाया था। इसके बजाय उन्होंने इंग्लैंड दौरे पर तीसरे नंबर पर साई सुदर्शन को उतारा और करुण नायर की वापसी कराई। पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में पुजारा ने सात मैचों में 40 की औसत से 402 रन बनाए। कुल मिलाकर उन्होंने सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए 103 टेस्ट मैचों में 7195 रन बनाए हैं।