जयदेव उनादकट की कप्तानी वाली सौराष्ट्र की टीम सोमवार को जब फाइनल में बंगाल के खिलाफ उतरेगी तो उसकी निगाह घरेलू मैदान पर पहली बार रणजी ट्रॉफी खिताब जीतकर इतिहास रचने पर होगी। हालांकि आत्मविश्वास से भरे बंगाल को हराना इतना आसान नहीं होगा।
सौराष्ट्र की टीम आठ सत्र में चौथे फाइनल में तो बंगाल की टीम 14वां खिताबी मुकाबला खेलेगी। उसका लक्ष्य तीस (1989-90) साल बाद एक बार फिर से चैंपियन बनने का होगा। सौराष्ट्र की टीम से भारतीय टेस्ट टीम के नियमित खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा जबकि बंगाल में न्यूजीलैंड से लौटे ऋद्धिमान साहा जुड़ गए हैं।
उनादकट शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। वह अभी तक 12.17 की औसत 65 विकेट चटका चुके हैं और एक सत्र में सर्वाधिक विकेट लेने वाले पेसर बन गए हैं। उन्होंने कर्नाटक के डोडा गणेश (62, 1998-99) का 21 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा है।
अब वह रणजी इतिहास के एक सत्र में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बनने से चार विकेट दूर हैं। यह रिकॉर्ड बिहार के स्पिनर आशुतोष (68) के नाम है जो उन्होंने पिछले सत्र में बनाया था। उनादकट के इस सत्र में शानदार प्रदर्शन ने उन्हें टीम इंडिया में वापसी की दौड़ में शामिल कर दिया है।