पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर सोशल मीडिया पर यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं। नई दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन के बीच मांजरेकर ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लोकतंत्र का हिस्सा बताते हुए ट्वीट किया। हालांकि, उनकी इस टिप्पणी पर कुछ यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। कई यूजर्स ने उनके पुराने विवादों का जिक्र करते हुए भारतीय क्रिकेट टीम और कमेंट्री को लेकर भी तंज कसे।
संजय मांजरेकर
- फोटो : BCCI
मांजरेकर की टिप्पणी
मांजरेकर ने अपने ट्वीट में लिखा, 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक गतिविधि है। पिछली बार जब मैंने सुना था, भारत एक लोकतांत्रिक देश था।' उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ यूजर्स ने उनकी टिप्पणी पर सवाल उठाए, तो कुछ ने भारतीय क्रिकेटर रवींद्र जडेजा के साथ हुए उनके पुराने विवाद को याद दिलाया।
'जडेजा ने आपको लोकतांत्रिक जवाब दिया था'
मांजरेकर के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने लिखा, 'पिछली बार मैंने सुना था कि जडेजा ने आपको लोकतांत्रिक जवाब दिया था।' इस टिप्पणी के जरिए यूजर ने 2019 विश्व कप के दौरान मांजरेकर और जडेजा के बीच हुए विवाद पर तंज कसा। एक अन्य यूजर ने लिखा, 'कमेंट्री आपके लिए नहीं है, चाहे क्रिकेट की हो या किसी और चीज की।' वहीं, एक और यूजर ने मांजरेकर पर भारतीय टीम की आलोचना करने का आरोप लगाते हुए लिखा कि अगर उन्हें भारत में लोकतंत्र पर्याप्त नहीं लगता, तो उन्हें किसी दूसरे देश में जाकर कमेंट्री करनी चाहिए। यूजर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से मिलने वाले पैसे का भी जिक्र किया।
रवींद्र जडेजा
- फोटो : PTI
क्या है जडेजा और मांजरेकर का पुराना विवाद?
- संजय मांजरेकर और रवींद्र जडेजा के बीच विवाद 2019 विश्व कप के दौरान शुरू हुआ था। उस समय मांजरेकर ने जडेजा को 'बिट्स एंड पीसेस प्लेयर' कहा था। इस शब्द का इस्तेमाल ऐसे खिलाड़ी के लिए किया जाता है, जो खेल के अलग-अलग विभागों में थोड़ा-थोड़ा योगदान देता है।
- मांजरेकर की इस टिप्पणी से जडेजा नाराज हो गए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए लिखा था, 'मैंने आपकी तुलना में दोगुने मैच खेले हैं और अब भी खेल रहा हूं। जिन्होंने उपलब्धियां हासिल की हैं, उनका सम्मान करना सीखें। मैंने आपकी काफी बकवास सुन ली है।'
- जडेजा के इस जवाब के बाद दोनों के बीच विवाद काफी चर्चा में रहा था। अब मांजरेकर के हालिया ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कुछ यूजर्स ने एक बार फिर इसी पुराने मामले का जिक्र किया है।
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सीजेपी क्यों कर रही प्रदर्शन?
- दिल्ली में 10 अक्तूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का एलान किया।
- प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इसकी प्रक्रिया रोकने, जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने और मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
- पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन की सूचना निर्धारित 10 दिन की अवधि के बजाय बहुत कम समय पहले दी गई थी और पिछले प्रदर्शन के दौरान नियमों व शर्तों का पालन नहीं किया गया था।
- कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू होने के बीच पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई, प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लगाए और कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश व निकास द्वार बंद करने के कदम उठाए।
- प्रदर्शन के दौरान आयोजकों और अन्य लोगों को हिरासत में लिए जाने की भी खबरें सामने आईं।