भारतीय क्रिकेट टीम की प्रायोजक कंपनी सहारा महाराष्ट्र क्रिकेट संघ (एमसीए) के साथ पुणे के सुब्रत राय सहारा स्टेडियम पर विभिन्न अधिकारों संबंधी विवाद को लेकर बंबई उच्च न्यायालय की शरण में चली गई है। सहारा का कहना है कि महाराष्ट्र क्रिकेट संघ (एमसीए) के साथ हुये करारनामें के तहत उसने स्टेडियम के निकट बनने वाले क्लब के निर्माण नामकरण से जुड़ी तमाम शर्तों को पूरा किया था।
हालांकि एमसीए ने पूरी रकम नहीं दिये जाने का हवाला देते हुये स्टेडियम के नाम वाले बोर्ड को काले कपड़े से ढक दिया था। कंपनी ने एमसीए के इस कदम के बाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
उल्लेखनीय है कि पुणे एक्सप्रेस-वे के निकट बने इस स्टेडियम के नामकरण इसका अधिग्रहण करने जैसे अधिकारों के लिये एमसीए ने निविदा जारी की थी। सहारा ने इसमें रूचि दिखाई थी जिसके बाद दोनों के बीच करार हो गया। सहारा का स्टेडियम के नाम के ऊपर विशिष्ट अधिकार है।