वनडे क्रिकेट से संन्यास ले चुके सचिन तेंदुलकर दोबारा भारतीय टीम की ओर से इस फॉर्मेट में खेलते दिख सकते हैं। खबर है कि बंगलूरू में एक फाउंडेशन से जुड़े नेत्रहीन बच्चे सचिन से एक आखिरी वनडे मैच खेलने का आग्रह करने पहुंचे थे। इस पर सचिन ने बच्चों के इस आग्रह पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज को देखते हुए टीम इंडिया के लिए बंगलूरू के नेशनल क्रिकेट एकडेमी में 16-19 फरवरी तक प्रैक्टिस कैंप लगाया गया था। कैंप के दूसरे दिन आईडीएल फाउंडेशन फॉर ब्लाइंड के बच्चे टीम इंडिया से भेंट करने पहुंचे थे। इसी दौरान नेत्रहीन बच्चे सचिन से आग्रह करने लगे कि वे उनके खातिर दोबारा वनडे में लौटें और एक वनडे मैच खेलकर संन्यास लें।
बच्चों के अलावा फाउंडेशन के प्रबंध सदस्यों ने भी सचिन से एक वनडे मैच खेलने का आग्रह किया। बच्चों के विशेष आग्रह पर सचिन ने कहा है कि उन्हें इस बारे में सोचने का समय दिया जाए।
आईडीएल फाउंडेशन और आईडीएल ब्लाइंड बैंड के प्रमुख पीके पाल ने बताया कि सचिन के अचानक वनडे से संन्यास लेने की घटना से उनके प्रशंसक निराश हैं। खासकर बच्चों में काफी उदासी है। उन्होंने कहा ‘विश्व के सबसे अच्छे बल्लेबाज को शानदार विदाई दी जानी चाहिए। इसलिए नेत्रहीन बच्चों ने उनसे आग्रह किया है कि वे एक और वनडे मैच खेलकर संन्यास लें।'
उल्लेखनीय है कि सचिन ने 463 वनडे मैच खेले जिसमें 452 पारियों में 18,426 रन बनाए। इन मैचों में सचिन ने 49 शतक और 96 अर्धशतक भी लगाए हैं। अगर सचिन एक आखिरी वनडे मैच खेलते हैं और उसमे शतक लगाते हैं तो उनके नाम टेस्ट और वनडे दोनों में 50 शतक लगाने का रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा।