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28 साल बाद सचिन तेंदुलकर ने किया खुलासा, डेब्यू मैच में क्यों रोने लगे थे

Wed, 15 Nov 2017 03:25 PM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक निगम
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सचिन तेंदुलकर - फोटो : twitter
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टीम इंडिया के पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने आज से ठीक 28 साल पहले कराची में पाकिस्तान के खिलाफ अपने इंटरनेशनल करियर का डेब्यू मैच खेला था। 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई अपनी पहली पारी को याद करते हुए तेंदुलकर ने खुलासा किया कि वो क्यों रोने लगे थे। याद हो कि तेंदुलकर ने जब इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया, तब उनकी उम्र महज 16 साल की थी।
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मास्टर ब्लास्टर तेंदुलकर ने पहली पारी में 15 रन बनाए थे। 28 साल पहले की याद ताजा करते हुए तेंदुलकर ने एक फेसबुक लाइव किया। इसमें उन्होंने कहा कि जब वो जल्दी आउट हुए तो काफी निराश थे और बाथरूम में जाकर रोने लगे। सचिन तेंदुलकर ने कहा, 'जब मैं अपनी पहली पारी खेलकर ड्रेसिंग रूम में पहुंचा तो मुझे लगा कि गलत जगह पर गलत समय आ गया। बहुत मुश्किल था। मैं बाथरूम में गया और रोने लगा। फिर वहां जो सीनियर प्लेयर्स मौजूद थे, उन्होंने मुझे समझाया और प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि मुझे क्या करना चाहिए। इससे मुझे अगले मैच में विश्वास मिला।'

तेंदुलकर ने इसके साथ ही कहा कि पाकिस्तान जाने से पहले उन्हें मेजबान टीम के गेंदबाजी आक्रमण की कोई जानकारी नहीं थी। उन्हें नहीं पता था कि वहां कैसे मैच खेलना था। उन्होंने कहा,  'चयन से पहले मैंने ईरानी ट्राफी में शतक बनाया। इसके बाद टीम इंडिया में मेरा सिलेक्शन हो गया। फिर मैं पाकिस्तान गया। वहां तगड़ा गेंदबाजी आक्रमण, वहां क्या होगा मुझे कुछ नहीं पता था। वहां कुछ ओवर खेला तो पता चला कि अटैक इस तरह का होगा। उस वक्त इमरान खान, वसीम अकरम, वकार यूनिस जैसे तगड़े गेंदबाज थे। उनकी बॉल को फेस करना कठिन काम था।'
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भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने कहा, 'पहली पारी में मुश्किल से 15 रन बनाए थे। इसके बाद मैंने अपने करियर की दूसरी पारी में फिफ्टी लगाई। उस दौरान मुझे पता चला कि मैं यह कर सकता हूं। जब मैं दूसरी पारी खेलने गया, तो तय कर रखा था कि मुझे स्कोर बोर्ड को नहीं देखना है, मैं सिर्फ घड़ी देख रहा था। मैं सिर्फ वहां मैदान पर वक्त बिताना चाहता था। किसी भी कीमत पर मुझे वहां खड़ा रहना था। मुझे विश्वास हुआ कि मैं कर सकता हूं। 59 रन बनाए। यह मेरी जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट था। उन लोगों के सामने खेलने के बाद आपको आनंद मिलेगा।'

अपनी याद ताजा करने के बाद सचिन ने युवाओं को ही एक पैगाम दिया है। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वो कभी शॉर्ट कट्स पर विश्वास नहीं करें और हमेशा अपने सपने का पीछा करे। सचिन ने कहा, 'आज की युवा पीढ़ी के लिए मेरा मैसेज है कि अपने सपने का पीछा करो। मैं जब दस साल का था, तो मैंने टीम इंडिया के लिए खेलने का सपना देखा था। हमेशा से चैलेंज रहेगा, करियर के अंतिम दिन तक चैलेंज था। देश का प्रतिनिधित्व करने से बड़ा कोई सम्मान नहीं। कैप पहना था तो वो बेस्ट फीलिंग थी। जब ट्रॉफी उठाई तो वह दूसरी बार फीलिंग। मुश्किल टारगेट सेट करें अपने लिए। जब वो आप पाएंगे तो पूरा देश आपको चीयर्स करेगी।'
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