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गुरु रमाकांत आचरेकर के निधन पर सचिन के छलके आंसू, ट्विटर पर भी लिखा भावुक संदेश

Thu, 03 Jan 2019 01:34 PM IST
Anupam Prasun स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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sachin tendulkar
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टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के गुरु रमाकांत आचरेकर का 87 साल की उम्र में निधन हो गया है। आचरेकर का अंतिम संस्कार मुंबई के शिवाजी पार्क में किया गया। बता दें कि यह वही मैदान है जहां आचरेकर ने सचिन तेंदुलकर के अलावा विनोद कांबली, अजीत अगरकर, प्रवीण आमरे जैसे दिग्गजों को क्रिकेट के गुर सिखाए।

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आचरेकर की अंतिम यात्रा में उनके दो सबसे करीबी शिष्य सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली भी पहुंचे। आचरेकर की शव यात्रा में सचिन ने कंधा भी दिया। वहीं अंतिम संस्कार के दौरान सचिन तेंदुलकर के आंसू भी छलक उठे। बता दें कि बड़ी से बड़ी परिस्थित में कभी सचिन के हौसलों को टूटते नहीं देखा है, लेकिन अपने पिता के देहांत और क्रिकेट से संन्यास जैसी कुछ तमाम चीजें हैं जहां सचिन बेहद भावुक नजर आए।

 

 

आचरेकर के अंतिम संस्कार में कई बड़ी हस्तियों ने हाजिरी दी। इसमें महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे, मुंबई के मेयर विश्वनाथ महाडेश्वर, भाजपा विधायक आशीष शेलार और शिवसेना के कई बड़े नेता मौजूद थे। आचरेकर का बुधवार को निधन हो गया था, वो 87 साल के थे।

आचरेकर के निधन पर सचिन ने कहा, 'स्वर्ग में भी अगर क्रिकेट होगा तो आचरेकर सर उसे समृद्ध कर देंगे। उनके दूसरे शिष्यों की तरह मैंने भी क्रिकेट की एबीसीडी उन्हीं से सीखी। मेरे जीवन में उनके योगदान को शब्दों में नहीं गढ़ा जा सकता। आज मैं जहां खड़ा हूं, उसका आधार उन्हीं ने बनाया था।'
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आचरेकर का अंतिम संस्कार हुआ, तेंदुलकर भी मौजूद रहे

Sachin Tendulkar-Ramakant Achrekar
जाने माने क्रिकेट कोच रमाकांत का गुरुवार को यहां अंतिम संस्कार किया गया और इस दौरान उनके शिष्य महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर भी मौजूद थे। तेंदुलकर के बचपन के कोच आचरेकर का आयु संबंधी बीमारियों के कारण बुधवार को मध्य मुंबई के दादर में शिवाजी पार्क में उनके निवास पर निधन हो गया था। वह 87 बरस के थे।

आचरेकर के पार्थिव शरीर को शिवाजी पार्क में रखा गया था, जहां वह युवा क्रिकेटरों को कोचिंग देते थे। इसके बाद समीप के शमशान गृह में उनका अंतिम संस्कार किया गया। जब आचरेकर के शरीर को मैदान से बाहर ले जाया गया, जो वहां अभ्यास करने वाले युवा बच्चों ने इस कोच के सम्मान में 'अमर रहे' के नारे लगाए।

तेंदुलकर के अलावा विनोद कांबली, बलविंदर सिंह संधू और चंद्रकांत पंडित जैसे आचरेकर के अन्य शिष्यों ने भी शवयात्रा में हिस्सा लिया।
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