भारतीय टीम जीत की दहलीज पर थी। उसे 32 रन चाहिए थे। पुजारा और विराट कोहली जमे हुए थे। लेकिन कोहली जैसे ही आउट हुए मैदान पर मातम छाने की बजाय खुशियां मनाई जानें लगीं।
यह सब सचिन तेंदुलकर के लिए था। 25 हजार दर्शकों ने खड़े होकर इस बल्लेबाज का करताल ध्वनि के साथ स्वागत किया।
हालांकि वह एक रन बनाकर आउट हुए तब भी उन्हें खड़े होकर सम्मान ही मिला। लेकिन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से जब यह पूछा गया कि क्या यह इस महान बल्लेबाज का भारत में अंतिम टेस्ट मैच है।
धोनी ने तपाक से उत्तर दिया इस बारे में बिलकुल कयास नहीं लगाएं। कोई अगर-मगर नहीं। यह कयास लगाने का मामला नहीं है। धोनी ने यहां तक कहा कि इस बारे में मीडिया ने 2005 में भी कयास लगाए थे।